दौसा। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण इलाकों में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर है। दौसा सर्किल के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत तंत्र को मजबूत करने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में बिजली विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
नए 33 KV फीडर ‘पुरोहितों का बास’ को 132 KV जीएसएस चौरड़ी (सैंथल) से सफलतापूर्वक चार्ज कर चालू कर दिया गया है। इस नए फीडर के शुरू होने से इलाके के हजारों लोगों को गर्मी के इस मौसम में ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।
16 गांवों के 4,000 उपभोक्ताओं को सीधा फायदा
इस नए विद्युत तंत्र के सुदृढ़ीकरण का सबसे बड़ा लाभ क्षेत्र के आम नागरिकों और किसानों को होगा। नए फीडर के चालू होने से आस-पास के लगभग 16 गांवों के 4,000 से अधिक उपभोक्ताओं को अब उच्च गुणवत्ता की और बिना रुकावट वाली बिजली मिलेगी। भीषण गर्मी के दौर में जब बिजली की मांग अपने चरम पर होती है, तब यह फीडर इस पूरे क्षेत्र के लिए ‘संजीवनी’ का काम करेगा।
पहले क्या थी समस्या और अब कैसे मिलेगा समाधान?
- ओवरलोडिंग की समस्या: अब तक इस पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति ‘सिविल लाइन प्रथम फीडर’ से संचालित होती थी।
- लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग: एक ही फीडर पर क्षमता से अधिक भार (Overload) होने के कारण उपभोक्ताओं को लगातार लो-वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग का सामना करना पड़ता था।
- सब-स्टेशनों को राहत: इस नए फीडर के शुरू हो जाने से ‘पुरोहितों का बास’ और ‘सिंडोली’ से जुड़े सब-स्टेशनों पर लोड कम होगा, जिससे सिस्टम में स्थिरता आएगी और फॉल्ट होने की संभावना कम हो जाएगी।
अधिकारियों का क्या कहना है?
जयपुर डिस्कॉम (दौसा) के एसई (Superintending Engineer) एम.एल. मीणा ने इस कार्य के सफलतापूर्वक पूरा होने पर जानकारी देते हुए बताया:
“नए 33 KV फीडर के शुरू होने से क्षेत्र में वोल्टेज की स्थिरता सुनिश्चित होगी। पहले जिस ओवरलोडिंग के कारण बार-बार लाइन ट्रिप होती थी, अब वह समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली की आपूर्ति हो सकेगी।”
बिजली विभाग की इस त्वरित और दूरदर्शी कार्रवाई से स्थानीय ग्रामीणों में काफी हर्ष का माहौल है, क्योंकि इससे न केवल घरेलू उपभोक्ताओं को बल्कि कृषि कार्य से जुड़े किसानों को भी पर्याप्त और स्थिर बिजली मिल सकेगी।