जयपुर: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की जयपुर इकाई ने गुरुवार, 2 जुलाई को दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी ने भिवाड़ी-कोटपूतली औद्योगिक क्षेत्र में खाद एवं कीटनाशक इकाइयों का निरीक्षण करने के नाम पर अवैध वसूली करने वाले कृषि विभाग के अधिकारियों की टीम को रंगे हाथों पकड़ा है।
क्या है पूरा मामला?
एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि ब्यूरो को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि जयपुर से आई कृषि विभाग की टीम औद्योगिक इकाइयों में निरीक्षण का भय दिखाकर संचालकों से अवैध रूप से धन जुटा रही है। इस सूचना पर एसीबी के उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महावीर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
शाहपुरा पुलिया पर हुई घेराबंदी निगरानी के दौरान एसीबी की टीम ने शाहपुरा पुलिया के पास एक संदिग्ध टाटा सफारी वाहन को रुकवाया, जिसमें कृषि विभाग के अधिकारी और चालक सवार थे। तलाशी के दौरान टीम को अधिकारियों के बैग से भारी मात्रा में नकद राशि बरामद हुई:
- महेश कुमार मीणा (कृषि अधिकारी): इनके बैग से 1,48,500 रुपये बरामद हुए।
- चन्दा राम गुर्जर (कृषि अधिकारी): इनके बैग से 1,15,000 रुपये बरामद हुए।
इस प्रकार गाड़ी से कुल 2,63,500 रुपये की संदिग्ध नकद राशि बरामद की गई। गाड़ी में कृषि अधिकारी भगवान सहाय यादव और चालक रमेश चंद्र मीणा भी सवार थे, जिनकी भी नियमानुसार तलाशी ली गई।
जांच जारी
एसीबी अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि यह धनराशि किन-किन इकाइयों से और किस प्रकार वसूली गई थी। अधिकारियों के पास इस नकद राशि का कोई संतोषजनक जवाब नहीं था, जिसके चलते इसे रिश्वत की राशि माना जा रहा है। इस बड़ी कार्रवाई से कृषि विभाग के महकमे में हड़कंप मच गया है।