बजट 2026-27: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महिला प्रतिनिधियों से साधा संवाद; बोले- ‘महिला सशक्तीकरण ही सरकार की नीतियों का केंद्र’

जयपुर, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में महिला प्रतिनिधियों के साथ बजट पूर्व (Pre-Budget) संवाद किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘विकसित राजस्थान’ का संकल्प तभी साकार होगा जब प्रदेश की आधी आबादी विकास की मुख्यधारा में सक्रिय भागीदारी निभाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि महिलाओं से प्राप्त सुझावों को आगामी बजट 2026-27 में प्राथमिकता के साथ शामिल किया जाएगा।

शिक्षित और सशक्त महिला, प्रगतिशील राजस्थान

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षित महिलाएं समाज में सकारात्मक बदलाव की वाहक होती हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में महिला, युवा, किसान और गरीब—ये चार मुख्य वर्ग हैं, जिनके सर्वांगीण विकास से ही राष्ट्र का उत्थान संभव है।

महिला कल्याण की प्रमुख उपलब्धियों पर एक नजर

मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा पिछले दो वर्षों में महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए किए गए कार्यों का ब्योरा साझा किया:

  • लाडो प्रोत्साहन योजना: बालिकाओं के लिए देय राशि को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये किया गया, जिससे 4.60 लाख बालिकाएं लाभान्वित हुईं।
  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: राशि को बढ़ाकर 6,500 रुपये किया गया, जिससे 10 लाख गर्भवती महिलाओं को सहायता मिली।
  • माँ वाउचर योजना: प्रदेश की 2.26 लाख गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क सोनोग्राफी की सुविधा दी गई।
  • आंगनबाड़ी पोषण: कुपोषित बच्चों के लिए दूध की मात्रा 15 ग्राम से बढ़ाकर 25 ग्राम प्रति पैकेट की गई।
  • लखपति दीदी अभियान: 19 लाख महिलाओं को प्रशिक्षण देकर 12 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाया गया, जो अब ‘मिलेनियर दीदी’ बनने की दिशा में अग्रसर हैं।

सुरक्षा में सुधार और आर्थिक संबल

मुख्यमंत्री ने सुरक्षा के मोर्चे पर डेटा साझा करते हुए बताया कि पूर्ववर्ती सरकार के अंतिम दो वर्षों के मुकाबले वर्तमान कार्यकाल में महिला अपराधों में 12 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसके अलावा, ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक संबल देने के लिए दुग्ध उत्पादकों को 5 रुपये प्रति लीटर का बोनस अनुदान दिया जा रहा है।

महिला प्रतिनिधियों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव

संवाद के दौरान मौजूद महिला प्रतिनिधियों ने स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण, साइबर सुरक्षा, उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को लेकर अपने सुझाव रखे। उन्होंने राज्य सरकार की ‘लखपति दीदी’ और ‘सुरक्षा सखी’ जैसी योजनाओं की सराहना भी की।

इस महत्वपूर्ण बैठक में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, प्रमुख शासन सचिव (वित्त) वैभव गालरिया और प्रमुख शासन सचिव (महिला एवं बाल विकास) भवानी सिंह देथा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रदेश भर से आईं महिला प्रतिनिधि उपस्थित रहीं।

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