बेहिचक दें जनगणना की जानकारी: न छीनेगी सब्सिडी, न लीक होगा डेटा; निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक ने दूर की भ्रांतियां

राजस्थान में जनगणना 2027 का शंखनाद शुक्रवार, 1 मई से होने जा रहा है। इसे लेकर आमजन के मन में कई सवाल और आशंकाएं हैं—जैसे कि क्या गलत जानकारी देने पर राशन बंद हो जाएगा या डेटा लीक तो नहीं होगा? इन सभी भ्रांतियों को दूर करने के लिए राजस्थान के जनगणना कार्य निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित है और इसका उद्देश्य केवल राष्ट्र का विकास है।

जनगणना 2027: दो चरणों में पूरा होगा महाअभियान

निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक के अनुसार, जनगणना की प्रक्रिया दो मुख्य चरणों में विभाजित की गई है:

चरणसमयक्या जानकारी ली जाएगी?
प्रथम चरणमई 2026 (वर्तमान)मकानों की सूचीकरण, मकानों की स्थिति, परिवार विवरण, पेयजल, शौचालय, बिजली, इंटरनेट और वाहन जैसी संपत्तियां।
द्वितीय चरणफरवरी 2027सदस्यों के नाम, आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, जाति, धर्म, शिक्षा, भाषा, व्यवसाय और प्रजनन संबंधी विवरण।

भ्रांतियां और हकीकत: निदेशक के साथ सीधी बात

1. क्या कोई सरकारी लाभ छिन जाएगा?

बिल्कुल नहीं। मल्लिक ने स्पष्ट किया कि संकलित डेटा का उपयोग केवल भविष्य की नीतियां बनाने, निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन और संसाधनों के उचित आवंटन के लिए किया जाता है। किसी भी व्यक्ति विशेष या परिवार का डेटा किसी बाहरी एजेंसी से साझा नहीं किया जाता।

2. डेटा की गोपनीयता का क्या?

जनगणना में दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहती है। केवल संकलित संपूर्ण डेटा (Aggregate Data) ही सार्वजनिक किया जाता है, व्यक्तिगत जानकारी तक किसी की पहुंच नहीं होती।

3. गलत जानकारी देने पर क्या होगा?

वैधानिक तौर पर सही जानकारी देना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। गलत जानकारी देने या जानकारी छुपाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही, जनगणना कर्मचारी को घर में प्रवेश से रोकना भी वर्जित है।


डिजिटल जनगणना और सुरक्षा के इंतजाम

  • स्वगणना (Self-Enumeration): 1 से 15 मई तक नागरिक स्वयं वेब पोर्टल पर अपनी जानकारी भर सकते हैं। इसके बाद प्रगणक केवल डेटा का सत्यापन (Verification) करने आएंगे।
  • साइबर सुरक्षा: प्रगणक आपसे केवल मोबाइल नंबर या (यदि स्वगणना की है तो) एसई आईडी (SE ID) मांगेंगे। वे किसी भी प्रकार का ओटीपी (OTP) नहीं मांगेंगे। यदि कोई ओटीपी मांगता है, तो सावधान रहें।
  • पहचान कैसे करें? आपके घर आने वाले प्रगणक स्थानीय स्कूल शिक्षक होंगे। आप उनका आईडी कार्ड मांग सकते हैं और उस पर दिए गए क्यूआर कोड (QR Code) को स्कैन करके उनकी पूरी जानकारी देख सकते हैं।

संपादकीय टिप्पणी: “जनगणना केवल एक गिनती नहीं, बल्कि आपके शहर और गांव के विकास का आधार है। इसलिए प्रगणकों का स्वागत करें और सही जानकारी देकर एक ‘विकसित राजस्थान’ के निर्माण में अपना योगदान दें।”

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