जयपुर/बालोतरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की ऐतिहासिक सौगात दी। बालोतरा जिले के पचपदरा में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने देश के पहले ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया और इसे राष्ट्र को समर्पित किया। इसके साथ ही उन्होंने वर्चुअल माध्यम से 13,037 करोड़ रुपये की लागत वाले जयपुर मेट्रो फेज-2 प्रोजेक्ट का शिलान्यास भी किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने ‘रोजगार उत्सव’ के तहत राजस्थान सरकार के विभिन्न विभागों में चयनित लगभग 54,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
₹79,450 करोड़ की लागत से तैयार हुई पचपदरा रिफाइनरी
पचपदरा स्थित यह रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और राजस्थान सरकार का एक संयुक्त उद्यम है, जिसमें एचपीसीएल की 74% और राज्य सरकार की 26% हिस्सेदारी है। 79,450 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार हुई इस रिफाइनरी की सालाना क्रूड प्रोसेसिंग क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन और पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता 2.4 मिलियन मीट्रिक टन है। प्रधानमंत्री ने रिफाइनरी परिसर में एक पौधा भी लगाया और अत्याधुनिक कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर इंजीनियरों से संवाद किया। इस परियोजना से पश्चिमी राजस्थान में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और भारत की ऊर्जा सुरक्षा काफी मजबूत होगी।
जयपुर मेट्रो फेज-2: 41 किलोमीटर और 36 स्टेशन
राजधानी जयपुर के यातायात को सुगम बनाने के लिए 13,037.66 करोड़ रुपये की लागत से जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण का शिलान्यास किया गया। यह 41 किलोमीटर लंबा नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक जाएगा, जिसमें कुल 36 स्टेशन (34 एलिवेटेड और 2 अंडरग्राउंड) होंगे। यह कॉरिडोर सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया, वीकेआई, जयपुर एयरपोर्ट, टोंक रोड, एसएमएस अस्पताल और विद्याधर नगर जैसे प्रमुख इलाकों को जोड़ेगा। इसका सीधा प्रसारण जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम (SMS) में किया गया, जहां बड़ी संख्या में नवनियुक्त कर्मचारी और आम नागरिक मौजूद थे।
रेल, सड़क और ऊर्जा परियोजनाओं का भी हुआ शुभारंभ
रिफाइनरी और मेट्रो के अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने राजस्थान में रेल, सड़क और ऊर्जा क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इनमें 900 करोड़ रुपये की लागत से बने चूरू-सादुलपुर और चूरू-रतनगढ़ रेल दोहरीकरण प्रोजेक्ट, और 740 करोड़ रुपये की लागत वाला जोधपुर रिंग रोड का करवर-डांगियावास सेक्शन शामिल है। अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए एसजेवीएन (SJVN) का 1,000 मेगावाट बीकानेर सोलर प्रोजेक्ट और एनएचपीसी (NHPC) का 300 मेगावाट करणीसर सोलर प्रोजेक्ट भी राष्ट्र को समर्पित किया गया। इससे पहले दिन की शुरुआत में, प्रधानमंत्री ने 480 करोड़ रुपये की लागत से बने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया था और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए संशोधित ‘उड़ान’ (UDAN) योजना को भी लॉन्च किया था।