श्रीगंगानगर। राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां वर्तमान विधायक जयदीप बिहाणी और उनके करीब 20 समर्थकों के खिलाफ एक सरकारी अधिकारी को बंधक बनाकर जानलेवा हमला करने और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुरानी रंजिश और धमकी का आरोप
आर.यू.आई.डी.पी. (RUIDP) विभाग में कार्यरत सहायक अभियंता (AEN) जगनलाल बैरवा ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि विवाद की शुरुआत एक पूर्व बैठक (दिशा मीटिंग) के दौरान हुई थी। पीड़ित के अनुसार, विधायक जयदीप बिहाणी ने उन्हें सार्वजनिक रूप से अपने कार्यालय बुलाकर “तसल्ली करवाने” की धमकी दी थी।
षड्यंत्रपूर्वक बुलाकर हमला
एफआईआर के अनुसार, 30 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 11:30 बजे, पीएचइडी (PHED) के एईएन कृष्ण धारीवाल ने जगनलाल को विधायक जन सेवा केंद्र पर बुलाया। जब जगनलाल अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे, तो आरोप है कि विधायक बिहाणी ने उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि विधायक ने अपने हाथ में पहने भारी कड़े से उनकी आंख पर प्रहार किया, जिससे उन्हें दिखाई देना बंद हो गया है।
555 करोड़ के प्रोजेक्ट में ‘हिस्से’ की मांग
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विधायक और उनके समर्थकों ने अधिकारी को खींचकर अंदर कमरे में बंधक बना लिया। वहां मौजूद लोगों ने कहा कि शहर में एल.एन.टी. (L&T) कंपनी द्वारा 555 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का कार्य किया जा रहा है, जिसमें विधायक ने अपना “हिस्सा” नहीं मिलने पर नाराजगी जताई और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित भी किया गया।
साक्ष्य मिटाने की कोशिश
रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला दावा किया गया है कि मारपीट के दौरान जब जगनलाल की सफेद शर्ट खून से पूरी तरह लथपथ हो गई, तो विधायक के कहने पर बाहर से दूसरी शर्ट मंगवाकर उन्हें जबरन पहनाई गई और पुरानी शर्ट को हटा दिया गया ताकि सबूत मिटाए जा सकें। आरोपियों ने अधिकारी के पास मौजूद सरकारी दस्तावेज भी छीनकर नष्ट कर दिए, जिससे राजकीय कार्य में बाधा उत्पन्न हुई।
मामला दर्ज और जांच शुरू
जवाहर नगर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धाराओं 121(1), 132, 115(2), 126(2), 127(2), 189(2) और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले की गंभीरता और विधायक की संलिप्तता को देखते हुए इसकी जांच पुलिस उपाधीक्षक (SC/ST Cell) विष्णु कुमार खत्री को सौंपी गई है।
नामजद आरोपी:
- जयदीप बिहाणी (विधायक, श्रीगंगानगर)
- कृष्ण धारीवाल (AEN, PHED)
- मनीष गर्ग (विधायक के पीए)
- कृष्ण गोपाल
- बंटी वाल्मीकि
- जगदीश घोडेला
- धर्मेंद्र सिहाग
- सुनील नायक
- संदीप शैरेवाला (इसके अलावा 15-20 अन्य समर्थक)
एफआईआर का मुख्य विवरण (FIR Details)
- थाना: जवाहर नगर (गंगानगर)
- एफआईआर संख्या: 0201 / 2026
- दिनांक: 06/05/2026
- धाराएं: भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 121(1) (लोक सेवक को कर्तव्य से रोकना), 132 (राजकीय कार्य में बाधा), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 126(2) (गलत तरीके से रोकना), 127(2) (गलत तरीके से बंधक बनाना), 189(2) (गैरकानूनी जमावड़ा) और SC/ST एक्ट की धारा 3(2)(va), 3(1)(r), 3(1)(s) के तहत मामला दर्ज किया गया है
