जयपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ‘ऑपरेशन म्यूल हंटर’ के तहत 48 साइबर अपराधी गिरफ्तार

जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के दक्षिण जिले ने साइबर अपराधियों और मोबाइल चोरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी स्ट्राइक की है। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) श्री राजर्षि राज के नेतृत्व में चलाए गए “ऑपरेशन म्यूल हंटर” और “आपका मोबाइल फिर से आपका” अभियान के तहत पुलिस ने करोड़ों की ठगी का पर्दाफाश करते हुए 48 जालसाजों को सलाखों के पीछे पहुँचाया है।

ऑपरेशन म्यूल हंटर: 2 करोड़ की ठगी का खुलासा

पुलिस मुख्यालय द्वारा 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान संदिग्ध बैंक खातों और उन्हें किराए पर लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई।

  • इस अभियान के तहत कुल 48 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
  • जयपुर दक्षिण जिले में 15 प्रकरणों में 17 मुख्य अपराधियों की गिरफ्तारी हुई, जबकि 31 संदिग्धों को धारा 170 BNSS के तहत निरुद्ध किया गया।
  • जाँच में सामने आया कि ये अपराधी बैंक खाते किराए पर लेकर करीब 2 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन कर रहे थे।
  • श्यामनगर थाना के प्रकरण संख्या 174/26 में NCRP पोर्टल पर 53 शिकायतें और सोडाला थाना के प्रकरण 180/26 में 41 शिकायतें दर्ज पाई गई हैं।

“आपका मोबाइल फिर से आपका”: 1.5 करोड़ की संपत्ति बरामद

साइबर सेल जयपुर दक्षिण ने गुम हुए मोबाइलों को ट्रैक करने के लिए CEIR पोर्टल और तकनीक का प्रभावी उपयोग किया।

  • पुलिस ने राजस्थान के विभिन्न जिलों से कुल 430 मोबाइल फोन रिकवर किए हैं।
  • इन बरामद मोबाइलों की अनुमानित बाजार कीमत 1.5 करोड़ रुपये आँकी गई है।

मोबाइल चोर गिरोहों का नेटवर्क ध्वस्त

अभियान के दौरान पुलिस ने दो बड़े गिरोहों का भंडाफोड़ किया है:

  1. सब्जी मंडी गैंग (महेशनगर): यह गिरोह छोटे बच्चों को चोरी के लिए इस्तेमाल करता था। बच्चे भीड़भाड़ वाली जगहों पर लोगों की जेब से मोबाइल पार कर खाली थैलों में छिपा देते थे। यहाँ से मुख्य अभियुक्त दिलवर कुमार मंडल को गिरफ्तार कर 7 मोबाइल बरामद किए गए।
  2. IPL मैच गिरोह (ज्योतिनगर): आईपीएल मैचों के दौरान भीड़ का फायदा उठाने वाली गैंग का खुलासा कर 5 मोबाइल बरामद किए गए और एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया।

वित्तीय स्ट्राइक: 2.73 करोड़ रुपये ब्लॉक

साइबर सेल ने केवल गिरफ्तारियाँ ही नहीं की, बल्कि पीड़ितों के पैसे बचाने में भी सफलता हासिल की है।

  • वर्ष 2026 में अप्रैल माह तक साइबर पोर्टल के माध्यम से 2,73,30,340 रुपये की राशि को होल्ड करवाया गया।
  • अब तक 20,08,742 रुपये की राशि सफलतापूर्वक पीड़ितों के खातों में रिफंड करवाई जा चुकी है।
  • जनजागरूकता अभियान के तहत 10 स्कूलों और कॉलेजों में 3000 से अधिक लोगों को साइबर सुरक्षा के गुर सिखाए गए।

आमजन के लिए पुलिस की सलाह

डीसीपी दक्षिण ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता किसी से साझा न करें। यदि कोई खाता खरीदने या बेचने की बात कहे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। मोबाइल गुम होने पर CEIR पोर्टल पर तुरंत रिपोर्ट दर्ज करें और साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।

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