स्मार्ट हुआ जयपुर एयरपोर्ट: एंट्री-एग्जिट पर AI कैमरों की नजर, जाम लगने से पहले ही मिलेगा अलर्ट

हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए राजस्थान की राजधानी से एक शानदार खबर सामने आई है। जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का ऐसा पहला एयरपोर्ट बन गया है, जहां ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए रियल-टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया गया है। अब एयरपोर्ट पर यात्रियों को एंट्री और एग्जिट के दौरान लंबे जाम से जूझना नहीं पड़ेगा।

AI और वीडियो एनालिटिक्स से होगा प्रबंधन

एयरपोर्ट प्रबंधन ने लैंड साइड और पार्किंग एरिया में अत्याधुनिक वीडियो एनालिटिकल कैमरे इंस्टॉल किए हैं। यह सिस्टम पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित है। ये कैमरे लगातार वाहनों की संख्या और उनके मूवमेंट को ट्रैक करते हैं। जैसे ही किसी भी जोन में वाहनों की संख्या तय सीमा से अधिक होती है, सिस्टम तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देता है।

जाम लगने से पहले ही एक्शन

अलर्ट मिलते ही एयरपोर्ट की ट्रैफिक टीम सक्रिय हो जाती है। भीड़ बढ़ने की स्थिति में तुरंत अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाता है और ट्रैफिक को डायवर्ट कर सुचारू बनाया जाता है। इससे जाम लगने की नौबत ही नहीं आती।

पीक टाइम में यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ

सुबह और शाम के समय जब फ्लाइट्स की संख्या अधिक होती है, तब एयरपोर्ट पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। नए सिस्टम से इन फायदों की उम्मीद है:

  • फास्ट ड्रॉप-ऑफ: यात्रियों को छोड़ने और लेने आने वाले वाहनों को इंतजार नहीं करना होगा।
  • पार्किंग में आसानी: पार्किंग एरिया में वाहनों के दबाव का पहले ही पता चल जाएगा, जिससे समय की बचत होगी।
  • स्मार्ट अनुभव: एंट्री गेट से लेकर टर्मिनल रोड तक पूरी प्रक्रिया डिजिटल और तेज हो जाएगी।

क्या है लैंड साइड मॉनिटरिंग?

यह सिस्टम विशेष रूप से टर्मिनल एंट्री रोड, ड्रॉप-ऑफ/पिक-अप जोन और लैंड साइड मूवमेंट कॉरिडोर पर लगाया गया है। लैंड साइड एयरपोर्ट का वह हिस्सा होता है जहाँ आम जनता और वाहन बिना टिकट के आ-जा सकते हैं। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, इस डिजिटल तकनीक से न केवल ऑपरेशनल दक्षता बढ़ेगी, बल्कि यात्रियों का अनुभव भी बेहतर और तनावमुक्त होगा।

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