PHED में नए वित्तीय नियमों से अटके काम पकड़ेंगे रफ्तार, पुराने मामलों में भी नए अधिकारियों को मिली मंजूरी की शक्ति

-समय विस्तार और अतिरिक्त कार्यों (SoP क्लॉज 23 और 33) को लेकर असमंजस हुआ खत्म

-वित्त विभाग ने जारी किया स्पष्टीकरण, लंबित फाइलों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश

जयपुर। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) में विभिन्न पेयजल परियोजनाओं और निर्माण कार्यों को लेकर लंबे समय से चल रहा असमंजस अब पूरी तरह समाप्त हो गया है। वित्त विभाग ने एक बड़ा स्पष्टीकरण जारी करते हुए साफ किया है कि शक्तियों के नए प्रत्यायोजन (Schedule of Powers) के तहत अब नए सक्षम अधिकारी ही पुराने लंबित मामलों में भी निर्णय ले सकेंगे। इस फैसले से प्रदेश में चल रहे कई प्रोजेक्ट्स, विशेषकर जल जीवन मिशन (JJM) के कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

क्या था पूरा मामला और असमंजस:-

दरअसल, वित्त विभाग द्वारा पिछले साल अक्टूबर (03.10.2025 और 31.10.2025) में एक संशोधन जारी कर निविदाएं (Bids) स्वीकार करने की प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियों में भारी बढ़ोतरी की गई थी। उदाहरण के तौर पर, मुख्य अभियंता (CE) की शक्ति को बढ़ाकर सीधे 1500 लाख रुपये और अतिरिक्त मुख्य अभियंता (ACE) की शक्ति को बढ़ाकर 750 लाख रुपये कर दिया गया था।

इस संशोधन के बाद विभाग के अधिकारियों और अकाउंट्स विंग में इस बात को लेकर दो अलग-अलग राय बन गई थीं:

इस असमंजस के कारण कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की फाइलें अटकी हुई थीं। मामले को सुलझाने के लिए जल जीवन मिशन के मिशन डायरेक्टर, अतिरिक्त मुख्य अभियंता और वित्त समिति (Finance Committee) ने फाइल को अंतिम मार्गदर्शन के लिए वित्त विभाग भेजा था।

वित्त विभाग का फैसला, ‘पास्ट केसेज’ पर लागू होंगे नए नियम:-

मामले का निस्तारण करते हुए वित्त (वित्तीय नियम) विभाग के संयुक्त शासन सचिव महेंद्र मोहन ने सामान्य वित्तीय एवं लेखा नियम (GF&AR) भाग-1 के नियम 63 का हवाला देते हुए स्थिति साफ की है। वित्त विभाग ने अपने परामर्श में कहा है कि:-

“जब भी शक्तियां किसी प्राधिकारी को प्रत्यायोजित की जाती हैं, तो वह प्राधिकारी उन शक्तियों का प्रयोग पिछले (Past Cases) मामलों के संबंध में करने के लिए भी सक्षम माना जाएगा, बशर्ते वह मामला उस तारीख तक अंतिम रूप से तय न हुआ हो।”

मुख्य अभियंता ने दिए तुरंत पालन के निर्देश:-

वित्त विभाग से हरी झंडी मिलने के बाद मुख्य अभियंता (JJM) भवानी सिंह शेखावत ने आदेश जारी कर सभी अतिरिक्त मुख्य अभियंताओं (ACE) और उनके अधीनस्थ कार्यालयों को इस नियम का तुरंत कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के बाद अब जिला और संभाग स्तर पर ही लंबित फाइलों का निपटारा तेजी से हो सकेगा और ठेकेदारों को समय विस्तार व अतिरिक्त बजट के लिए जयपुर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

ब्यूरो रिपोर्ट, Expose Now

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