मेट गाला में छाई जयपुर की शाही विरासत, 600 घंटे में तैयार ‘फुलघर’ कोट और गायत्री देवी की साड़ी ने जीता दिल

न्यूयॉर्क। फैशन जगत के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित मंच ‘मेट गाला 2026’ में इस बार भारतीय और राजस्थानी संस्कृति की भव्य झलक देखने को मिली। न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट में आयोजित इस कार्यक्रम में जयपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह और राजकुमारी गौरवी कुमारी ने शानदार डेब्यू किया। दोनों ने डिजाइनर प्रबल गुरूंग के साथ मिलकर अपनी शाही विरासत को आधुनिक फैशन के साथ बेहतरीन अंदाज में पेश किया।

गौरवी कुमारी का राजमाता गायत्री देवी को ट्रिब्यूट

राजकुमारी गौरवी कुमारी ने मेट गाला के रेड कार्पेट पर अपनी परदादी और जयपुर की पूर्व महारानी गायत्री देवी को श्रद्धांजलि देते हुए एक खास विंटेज लुक चुना।

  • साड़ी का चयन: उन्होंने गुलाबी रंग की शिफॉन साड़ी पहनी, जो जयपुर (पिंक सिटी) की पहचान को दर्शाती है।
  • ज्वेलरी: इस क्लासिक लुक को मोतियों और अनकट हीरों से सजाया गया, जो राजमाता गायत्री देवी की सिग्नेचर स्टाइल को याद दिलाता है। गौरवी ने कहा कि यह साड़ी उनके लिए केवल एक परिधान नहीं, बल्कि भावनात्मक विरासत है।

पद्मनाभ सिंह का 600 घंटे में तैयार ‘फुलघर’ कोट

महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह (पाचो) ने राजस्थानी परंपरा और आधुनिक शिल्प का अनूठा संगम पेश किया।

  • फुलघर कोट: गहरे नीले रंग के वेलवेट फैब्रिक से बने इस पारंपरिक ‘फुलघर’ (क्विल्टेड जैकेट) को तैयार करने में स्थानीय कारीगरों और प्रबल गुरूंग की टीम को 600 घंटे से अधिक का समय लगा।
  • कढ़ाई और मिरर: इस पर आरी, जरदोजी, दबका और रेशम की बारीक कढ़ाई की गई है। इसके साथ ही कोट के पीछे लगा एक असली शीशा (मिरर डिटेलिंग) इस पूरे लुक का सबसे बड़ा आकर्षण रहा।
  • इस शाही भाई-बहन की जोड़ी ने न सिर्फ ग्लोबल स्टेज पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, बल्कि भारतीय शिल्पकला को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई।
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