इक्वाडोर में गूंजी हिंदी: भारतीय दूतावास ने मनाया पहला ‘विश्व हिंदी दिवस’, दौसा के बेटे और बहू ने पेश की संस्कृति की मिसाल

जयपुर, दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर में भारतीय संस्कृति और भाषा का नया अध्याय शुरू हुआ है। भारतीय दूतावास, क्विटो ने राष्ट्रीय शिक्षा विश्वविद्यालय (UNAE) के सहयोग से 9 जनवरी 2026 को इक्वाडोर के इतिहास में पहली बार ‘विश्व हिंदी दिवस’ का भव्य आयोजन किया। इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे राजस्थान के दौसा जिले के लाल और भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी लोकेश कुमार मीना एवं उनकी पत्नी धोली मीना के विशेष प्रयास रहे।

दौसा की ‘पीली लुगड़ी’ और हिंदी का संगम

यह कार्यक्रम कार्यकारी राजदूत लोकेश कुमार मीना के नेतृत्व में संपन्न हुआ। उनकी पत्नी और प्रसिद्ध सांस्कृतिक ब्रांड एंबेसडर धोली मीना ने इस आयोजन को राजस्थानी रंगत से सराबोर कर दिया। धोली मीना, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘पीली लुगड़ी’ और राजस्थानी लोक संस्कृति के प्रचार के लिए जानी जाती हैं, ने स्थानीय छात्रों और भारतीय समुदाय को भारतीय परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं:

  • ऐतिहासिक शुरुआत: पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन और भारत-इक्वाडोर के राष्ट्रगानों के साथ कार्यक्रम का आगाज हुआ।
  • उपस्थिति: कनार प्रांत के गवर्नर श्री मार्सेलो जारामिलो कैले और UNAE की कुलपति डॉ. मारिबेल सार्मिएंटो सहित 200 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए।
  • सांस्कृतिक प्रस्तुति: UNAE के छात्रों ने हिंदी गीतों, कविता पाठ और सितार वादन से दर्शकों का मन मोह लिया।

“हिंदी संस्कृतियों के बीच सेतु है”: लोकेश कुमार मीना

अपने संबोधन में कार्यकारी राजदूत लोकेश कुमार मीना ने कहा कि हिंदी आज विश्व की आत्मा बन चुकी है और 60 करोड़ से अधिक लोग इसे अपना चुके हैं। उन्होंने इस आयोजन को अपनी जन्मभूमि राजस्थान की विरासत से जोड़ते हुए इसे द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने वाली एक ऐतिहासिक पहल बताया।

भविष्य की योजनाएं: इक्वाडोर में शुरू होगा हिंदी पाठ्यक्रम

समारोह के दौरान भारतीय दूतावास और UNAE विश्वविद्यालय के बीच भविष्य में नियमित हिंदी भाषा पाठ्यक्रम शुरू करने पर चर्चा हुई। यह इक्वाडोर के युवाओं के लिए भारतीय शिक्षा और संस्कृति के द्वार खोलने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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