8 हजार की रिश्वत लेते पकड़े गए संयुक्त निदेशक आनंदीलाल मीणा, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

बारां: राजस्थान के बारां जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कृषि विस्तार विभाग के संयुक्त निदेशक आनन्दीलाल मीणा को 8 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी ने यह घूस खाद, बीज और कीटनाशक के डीलरों के स्टॉक रजिस्टर का सत्यापन करने के एवज में मांगी थी।

क्या है पूरा मामला?

  • शिकायत और प्रारंभिक जांच: दो परिवादियों ने संयुक्त रूप से एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि संयुक्त निदेशक आनन्दीलाल मीणा स्टॉक रजिस्टर के सत्यापन के नाम पर प्रति डीलर 5-5 हजार रुपए की रिश्वत की मांग कर रहे थे। रिश्वत न देने पर डीलरों को परेशान किया जा रहा था।
  • गोपनीय सत्यापन: शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का गोपनीय सत्यापन किया। इस दौरान आरोपी ने 2 हजार रुपए लेकर शेष राशि बाद में देने की बात कही थी, जिसके बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई।
  • रंगे हाथों गिरफ्तारी: बुधवार को एसीबी कोटा रेंज के डीआईजी ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन और एएसपी कालूराम वर्मा के नेतृत्व में डीएसपी प्रेमचंद मीणा की टीम ने कार्रवाई की। टीम ने आरोपी आनन्दीलाल मीणा को एक परिवादी से 5 हजार और दूसरे परिवादी से 3 हजार रुपए लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।

एसीबी अधिकारी का बयान: “शिकायत के आधार पर सत्यापन करने के बाद टीम ने आरोपी को 8,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की पूछताछ और जांच की जा रही है।”

आगे की कार्रवाई

एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। इस गिरफ्तारी के बाद से कृषि विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। एसीबी यह भी जांच कर रही है कि इस भ्रष्टाचार के नेटवर्क में अन्य कोई कर्मचारी या अधिकारी तो शामिल नहीं है।

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