जयपुर से दिल्ली लौटे अमेरिकी विदेश मंत्री: जूनियर अधिकारियों ने किया एयरपोर्ट पर सी-ऑफ, आमेर महल में हुआ था राजस्थानी अंदाज में स्वागत

जयपुर। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो अपनी संक्षिप्त और सांस्कृतिक जयपुर यात्रा पूरी करने के बाद मंगलवार सुबह विशेष विमान से नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने और उनके प्रतिनिधिमंडल ने गुलाबी नगरी की ऐतिहासिक धरोहर, वास्तुकला और समृद्ध हस्तशिल्प कला का बेहद करीब से दीदार किया। हालांकि, उनके प्रस्थान के समय एयरपोर्ट पर किसी बड़े मंत्री या उच्च प्रशासनिक अधिकारी के मौजूद न होने को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।

विदाई के समय नहीं दिखे सीनियर अफसर, कलेक्टर ने दी सफाई

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे। इस दौरान उन्हें विदा करने के लिए कोई भी कैबिनेट मंत्री या वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी हवाई अड्डे पर मौजूद नहीं था। केवल जूनियर पुलिस अधिकारियों और प्रोटोकॉल विंग के अफसरों ने ही उन्हें सी-ऑफ किया, जिनमें एडीएम (ईस्ट) नरेंद्र कुमार वर्मा, एसीपी हरिकिशन शर्मा और एयरपोर्ट थाने के एसएचओ रूपनारायण शामिल थे।

इस वीवीआईपी विदाई में बड़े चेहरों की अनुपस्थिति पर जब सवाल उठे, तो जयपुर जिला कलेक्टर संदेश नायक ने स्थिति स्पष्ट की। कलेक्टर ने बताया कि राज्य में आने वाले विदेशी मंत्रियों के आधिकारिक और प्रोटोकॉल का जिम्मा पूरी तरह से राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) और उसकी प्रोटोकॉल विंग का होता है। नियमानुसार, विदेशी मंत्रियों के लिए एडीएम और प्रोटोकॉल ऑफिसर को ड्यूटी पर लगाया जाता है। जिला कलेक्टर सिर्फ प्रधानमंत्री (PM), उपराष्ट्रपति, मुख्यमंत्री (CM) जैसे उच्च संवैधानिक स्तर के अतिथियों के आगमन या विदाई पर ही प्रोटोकॉल के रूप में मौके पर उपस्थित रहते हैं।

आमेर महल में गूंजी लोक धुनें, वास्तुकला के मुरीद हुए रूबियो

दिल्ली लौटने से पहले सोमवार को मार्को रूबियो ने अपनी पत्नी जेनेट डी. रूबियो और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ विश्व प्रसिद्ध आमेर महल का भ्रमण किया। आमेर महल पहुंचने पर विदेशी मेहमानों का स्वागत पूर्णतया पारंपरिक राजस्थानी अंदाज में तिलक लगाकर और साफा पहनाकर किया गया। वहां मौजूद लोक कलाकारों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने अमेरिकी दल को मंत्रमुग्ध कर दिया।

भ्रमण के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री को आमेर महल की ऐतिहासिक स्थापत्य कला, राजपूती विरासत और शाही इतिहास के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। रूबियो ने महल की अद्भुत वास्तुकला और भारत की सांस्कृतिक विरासत को समझने में विशेष रुचि दिखाई।

रामगढ़ मोड़ पर खरीदी राजस्थानी कलाकृतियां

सांस्कृतिक दौरे के हिस्से के रूप में मार्को रूबियो की पत्नी जेनेट डी. रूबियो और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर जयपुर के रामगढ़ मोड़ स्थित एक नामचीन हैंडीक्राफ्ट स्टोर पहुंचे। यहां उन्होंने राजस्थान के पारंपरिक कारपेट, हैंडलूम उत्पादों और स्थानीय हस्तशिल्प वस्तुओं का बारीकी से अवलोकन किया।

अमेरिकी राजदूत और जेनेट रूबियो ने भारतीय शिल्पकारों की कला की गुणवत्ता और पारंपरिक डिजाइनों की मुक्त कंठ से सराहना की। सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी डेलिगेशन ने यहां से कुछ विशेष हस्तशिल्प उत्पादों की खरीदारी भी की, हालांकि सुरक्षा प्रोटोकॉल और आधिकारिक कारणों के चलते खरीदी गई वस्तुओं का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया।

एयरपोर्ट स्टाफ के साथ खिंचवाईं तस्वीरें, सुरक्षा के थे कड़े बंदोबस्त

हवाई अड्डे से दिल्ली रवाना होने से ठीक पहले मार्को रूबियो का एक बेहद सहज और आत्मीय रूप देखने को मिला। उन्होंने एयरपोर्ट के ग्राउंड स्टाफ और सुरक्षा व्यवस्था में तैनात सीआईएसएफ व पुलिस के जवानों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। रूबियो ने पूरे स्टाफ के साथ ग्रुप फोटोज क्लिक करवाए और बेहतरीन मेहमाननवाजी व सुरक्षा सहयोग के लिए सभी का सहृदय धन्यवाद किया। उनका यह दोस्ताना व्यवहार एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों के बीच काफी सराहा गया।

गौरतलब है कि अमेरिकी विदेश मंत्री के पूरे जयपुर प्रवास के दौरान सुरक्षा की बेहद चाक-चौबंद व्यवस्था की गई थी। एयरपोर्ट से लेकर आमेर महल और रामगढ़ मोड़ तक केंद्रीय व राज्य की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट मोड पर रहीं। राजनयिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह यात्रा केवल एक औपचारिक राजनीतिक दौरा नहीं थी, बल्कि इसने राजस्थान की कला, विरासत और आतिथ्य सत्कार के माध्यम से भारत-अमेरिका संबंधों के मानवीय और सांस्कृतिक पक्ष को और अधिक मजबूती दी है।

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