उदयपुर में सियासी तूफान: 55 लाख की चोरी पर भड़के संत, मंच से फोन कर मंत्री बाबूलाल खराड़ी से मांगा इस्तीफा!

उदयपुर। राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र और उदयपुर की राजनीति में इस समय एक वीडियो ने जबरदस्त सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। उदयपुर जिले के झाड़ोल विधानसभा क्षेत्र के कोल्यारी कस्बे से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में किसी विपक्षी दल के नेता ने नहीं, बल्कि क्षेत्र के जाने-माने संत महंत सागरनाथ महाराज ने सार्वजनिक मंच से सूबे के जनजाति क्षेत्रीय विकास (TAD) कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी के इस्तीफे की खुली मांग कर डाली।

अपने बेबाक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले कद्दावर भाजपा नेता और कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी के खिलाफ उनके ही गृह क्षेत्र के पास किसी सार्वजनिक मंच से इस्तीफे की ऐसी मांग उठने का यह पहला मामला है।

55 लाख की चोरी और बिगड़ती कानून व्यवस्था पर फूटा गुस्सा

इस पूरे विवाद की जड़ कोल्यारी कस्बे में हुई एक बड़ी आपराधिक वारदात से जुड़ी है। हाल ही में कोल्यारी कस्बे में करीब 55 लाख रुपये की बड़ी चोरी की वारदात हुई थी, जिससे स्थानीय व्यापारिक समुदाय और ग्रामीणों में भारी आक्रोश था।

क्षेत्र की बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर राजपूत करणी सेना के बैनर तले एक आक्रोश सभा और रैली का आयोजन किया गया था। इस सभा में पहुंचे महंत सागरनाथ महाराज ने पुलिस-प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली को भी कटघरे में खड़ा किया।

मंच से ही मिला दिया मंत्री को फोन: ग्रामीणों को संबोधित करते हुए महंत सागरनाथ ने रौद्र रूप अख्तियार कर लिया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि महंत ने आक्रोशित जनता के सामने ही मंच से सीधे मंत्री बाबूलाल खराड़ी को फोन मिला दिया और क्षेत्र की ढीली सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी तीखी नाराजगी दर्ज कराते हुए सीधे उनके इस्तीफे की मांग कर दी।

करणी सेना की सभा और कोल्यारी कस्बा बंद

हालांकि, पुलिस प्रशासन का दावा है कि उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात के महज 13 दिनों के भीतर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया था।

  • आरोपी की गिरफ्तारी के बाद राजपूत करणी सेना ने अपना पूर्व प्रस्तावित ‘महापड़ाव’ तो स्थगित कर दिया था।
  • लेकिन इसके एवज में कोल्यारी कस्बा पूर्ण रूप से बंद रखकर इस आक्रोश रैली और जनसभा का आयोजन किया गया था, जहां यह पूरा घटनाक्रम घटित हुआ।

कौन हैं महंत सागरनाथ महाराज?

स्थानीय स्तर पर महंत सागरनाथ महाराज का खासा सामाजिक और धार्मिक प्रभाव माना जाता है:

  • वर्तमान निवास: वे उदयपुर जिले के ही गिर्वा क्षेत्र के छाली गांव स्थित हनुमान आश्रम में निवास करते हैं।
  • पृष्ठभूमि: स्थानीय लोगों के मुताबिक, संन्यास ग्रहण करने से पहले वे राजपूत समाज की सामाजिक गतिविधियों से सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे। बाद में वैराग्य की ओर कदम बढ़ाते हुए उन्होंने भगवा चोला धारण कर लिया और सागरनाथ महाराज के रूप में विख्यात हुए।

फिलहाल चुप्पी, लेकिन मेवाड़ की राजनीति गरमाना तय

इस हाई-प्रोफाइल वीडियो के सोशल मीडिया पर छा जाने के बाद भी अभी तक मंत्री बाबूलाल खराड़ी, भाजपा संगठन या स्थानीय जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान या खंडन सामने नहीं आया है। लेकिन अंदरूनी सूत्रों की मानें तो इस घटनाक्रम ने मेवाड़ की आदिवासी बेल्ट की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है, जिसके चलते आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर जोरदार सियासी पलटवार और बयानबाजी देखने को मिल सकती है। बता दें कि Expose Now इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है.

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