श्रीगंगानगर। राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रशासनिक मुस्तैदी को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे श्रीगंगानगर जिले में सीमा सुरक्षा को और अधिक चाक-चौबंद करने के लिए प्रशासन ने एक व्यापक अभियान चलाने की तैयारी कर ली है।
हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बीकानेर दौरे के दौरान सुरक्षा अधिकारियों के साथ हुई एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के बाद, सीमावर्ती क्षेत्रों में पनप रहे अतिक्रमण और संदिग्ध ढांचों के खिलाफ इस बड़े ‘एक्शन प्लान’ को हरी झंडी दे दी गई है। इस नए सरकारी निर्देश के बाद से ही अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक स्थित सभी गांवों और ढाणियों में हलचल तेज हो गई है।
अमित शाह की सख्ती के बाद एक्शन में एजेंसियां
इस बड़े अभियान की पटकथा पिछले दिनों केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बीकानेर दौरे के दौरान तैयार हुई थी। बीकानेर में गृहमंत्री ने सीमावर्ती जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस कप्तानों और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के आला अधिकारियों के साथ एक अहम ‘क्लोज-डोर मीटिंग’ की थी।
बैठक में सीमा सुरक्षा की मौजूदा स्थिति, सीमा पार से होने वाली ड्रोन गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर के पास जनसांख्यिकी (Demographic) व भौगोलिक बदलावों को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई थी। इसी दौरान यह बात सामने आई कि सीमा क्षेत्र में कई ऐसे ढांचे खड़े हो गए हैं, जिनकी कोई वैध अनुमति नहीं है और जो सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील स्थानों पर स्थित हैं। गृहमंत्री ने इन इनपुट्स को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ‘सीमा सुरक्षा में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।’
बॉर्डर से 15 किलोमीटर का दायरा रडार पर
प्रशासन द्वारा तैयार किए गए ब्लूप्रिंट के अनुसार, यह विशेष अभियान अंतरराष्ट्रीय सीमा से ठीक 15 किलोमीटर की परिधि में आने वाले सभी क्षेत्रों में चलाया जाएगा। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, बॉर्डर का यह 15 किलोमीटर का दायरा देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए ‘प्रथम रक्षा पंक्ति’ (First Line of Defence) के समान होता है।
इस तय परिधि के भीतर कृषि भूमि, चरागाह या सरकारी रास्तों पर किए गए सभी अवैध कब्जों को रडार पर ले लिया गया है। ऐसे निर्माण जो बिना स्थानीय निकायों व राजस्व विभाग की पूर्व अनुमति के रात-रात में खड़े कर लिए गए हैं, उन्हें पूरी तरह से चिन्हित किया जा रहा है। श्रीगंगानगर जिले के हिंदूमलकोट, श्रीकरणपुर, घड़साना, अनूपगढ़ और रायसिंहनगर जैसे संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
राजस्व विभाग, पुलिस और BSF का संयुक्त सर्वे शुरू
इस पूरे अभियान को पारदर्शी और पुख्ता बनाने के लिए एक संयुक्त कमान का गठन किया गया है। इसमें राजस्व विभाग के पटवारी-तहसीलदार, राजस्थान पुलिस के जवान, BSF के अधिकारी और स्थानीय प्रशासन शामिल हैं।
- यह टीम सीमावर्ती इलाकों का दौरा कर ज़मीन के मालिकाना हक के दस्तावेज़ों की बारीकी से जांच कर रही है।
- संदिग्ध ढांचों के निर्माण से जुड़े कागजात मांगे जा रहे हैं।
- यदि दस्तावेज़ फर्जी पाए जाते हैं या अनुमति नहीं मिलती है, तो उसे तुरंत ध्वस्तीकरण (Demolition) की सूची में डाल दिया जा रहा है।
‘अवैध कब्जों पर चलेगा बुलडोजर’: कलेक्टर डॉ. अमित यादव
श्रीगंगानगर के जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव ने इस मामले की संवेदनशीलता की जानकारी देते हुए बताया कि जिला प्रशासन केंद्रीय गृहमंत्री के निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कलक्टर ने स्पष्ट किया, “अतिक्रमणों को चिन्हित करने के लिए संयुक्त सर्वे का काम तेजी से चल रहा है। अंतिम सूची तैयार होने के बाद अवैध कब्जेदार को स्वेच्छा से ढांचा हटाने के लिए एक तय समय-सीमा का नोटिस दिया जाएगा। यदि तय समय में अतिक्रमण नहीं हटा, तो प्रशासन भारी सुरक्षा बल की मौजूदगी में बुलडोजर की मदद से इन सभी अवैध निर्माणों को पूरी तरह से जमींदोज कर देगा।” प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बॉर्डर एरिया में कानून व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है, और इसमें किसी भी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
