RPSC का बड़ा कदम: घर बैठे OTR से दर्ज करें शिकायत और ट्रैक करें स्टेटस

अजमेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने प्रदेश के लाखों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए अपनी कार्यप्रणाली में एक अहम और डिजिटल बदलाव किया है। आयोग ने अभ्यर्थियों की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण के लिए अपना नया ‘कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल’ (Candidate Grievance Portal) अपडेट कर सक्रिय कर दिया है। अब परीक्षार्थियों को अपनी छोटी-बड़ी शिकायतों के समाधान के लिए न तो आयोग के चक्कर काटने पड़ेंगे और न ही अलग-अलग माध्यमों का सहारा लेना पड़ेगा।

सीधे संबंधित अधिकारी तक पहुंचेगी शिकायत

आयोग के सचिव रामनिवास मेहता ने इस नई व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व में अभ्यर्थी ईमेल, डाक (पत्र) या व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपनी शिकायतें दर्ज कराते थे। इन शिकायतों को छांटने, व्यवस्थित करने और संबंधित विभाग या अधिकारी तक पहुंचाने में काफी समय बर्बाद होता था। लेकिन, इस नए और अपडेटेड पोर्टल के माध्यम से दर्ज की गई शिकायत अब सीधे संबंधित अधिकारी के डिजिटल डैशबोर्ड पर प्रदर्शित होगी, जिससे समाधान की प्रक्रिया बेहद तेज हो जाएगी।

कैसे करें इस पोर्टल का उपयोग?

अभ्यर्थी घर बैठे बहुत ही आसान प्रक्रिया के तहत अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं:

  • लॉगिन: परीक्षार्थी अपनी OTR (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) आईडी या एप्लिकेशन (आवेदन) नंबर के माध्यम से पोर्टल पर सुरक्षित लॉगिन कर सकते हैं।
  • श्रेणी का चयन व दस्तावेज: शिकायत दर्ज करते समय समस्या की सही ‘कैटेगरी’ (श्रेणी) चुननी होगी। साथ ही, समस्या से जुड़े जरूरी दस्तावेज (Documents) ऑनलाइन अपलोड करने की सुविधा भी दी गई है।
  • ट्रैकिंग सुविधा: शिकायत सफलतापूर्वक सबमिट होते ही एक विशिष्ट ग्रीवेंस नंबर (Unique Grievance Number) जेनरेट होगा। इस नंबर का उपयोग करके अभ्यर्थी घर बैठे अपनी शिकायत का ‘लाइव स्टेटस’ (वर्तमान स्थिति) ट्रैक कर सकेंगे।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान: RTI आवेदन यहां स्वीकार नहीं

आयोग ने पोर्टल के उपयोग को लेकर कुछ स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं:

  1. सिर्फ सामान्य शिकायतें: इस पोर्टल का उपयोग केवल सामान्य शिकायतों और समस्याओं के लिए किया जाना चाहिए।
  2. आरटीआई (RTI) मान्य नहीं: सूचना के अधिकार (RTI) से संबंधित आवेदन इस पोर्टल पर स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उनके लिए पूर्व निर्धारित प्रक्रिया ही लागू रहेगी।
  3. गोपनीय मामलों के लिए: यदि कोई शिकायत परीक्षा की गोपनीयता या शुचिता (पारदर्शिता/पेपर लीक आदि) से जुड़ी है, तो उसे पोर्टल या ईमेल के बजाय ‘गोपनीय डाक’ के माध्यम से ही आयोग को भेजा जाना चाहिए।

RPSC ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे भविष्य में अपनी किसी भी समस्या या पूछताछ के लिए ईमेल भेजने या डाक का इस्तेमाल करने के बजाय सिर्फ इसी आधिकारिक ‘कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल’ का उपयोग करें, ताकि उनकी समस्या का तय समय सीमा में समाधान किया जा सके।

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