परिसीमन की तैयारी: राजस्थान विधानसभा में अब 200 नहीं बैठेंगे 282 माननीय, पेपरलेस होगा नया सदन

राजस्थान विधानसभा जल्द ही एक नए और भव्य अवतार में नजर आने वाली है। भविष्य की राजनीतिक जरूरतों और साल 2026 के बाद होने वाले संभावित परिसीमन को ध्यान में रखते हुए विधानसभा भवन में बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। इस बदलाव का सबसे मुख्य आकर्षण दिल्ली की संसद की तर्ज पर बनने वाला अत्याधुनिक ‘सेंट्रल हॉल’ होगा।

282 विधायकों के बैठने की होगी व्यवस्था आगामी परिसीमन के बाद राजस्थान में विधानसभा सीटों की संख्या 200 से बढ़कर 270 होने का अनुमान है। इसी भविष्योन्मुखी सोच के साथ विधानसभा के पांचवें फ्लोर पर बन रहे नए सदन में 282 विधायकों के बैठने की व्यवस्था की गई है। इस प्रोजेक्ट का ब्लूप्रिंट तैयार हो चुका है और इस पर लगभग 17 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

परंपरा और तकनीक का अनूठा संगम यह नया सेंट्रल हॉल केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि राजस्थान की गौरवशाली विरासत का दर्पण होगा।

  • स्थापत्य कला: इसके निर्माण में जोधपुर और बंसी पहाड़पुर के प्रसिद्ध पत्थरों का उपयोग किया जाएगा। इसमें पारंपरिक झरोखे और मेहराब देखने को मिलेंगे।
  • सांस्कृतिक झलक: सदन की दीवारों पर शेखावाटी, मेवाड़ और मारवाड़ की कला शैलियों का संगम दिखेगा। साथ ही राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत को दर्शाने वाली 3D पेंटिंग्स और पोर्ट्रेट लगाए जाएंगे।
  • पूरी तरह पेपरलेस: विधानसभा अपनी कार्यप्रणाली को पूरी तरह डिजिटल करने की ओर अग्रसर है। सदस्यों की टेबल पर आईपैड और आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे ताकि सदन की कार्यवाही बिना कागज के संचालित हो सके।

एक साल में पूरा होगा काम विधानसभा अध्यक्ष के विजन के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का काम जल्द शुरू कर एक साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। नए फ्लोर पर वीआईपी रूम, स्टाफ के लिए बड़ा स्पेस और आधुनिक सुविधाएं भी होंगी। खास बात यह है कि वर्तमान सदन की तरह ही यहाँ ‘हाँ पक्ष’ और ‘ना पक्ष’ की लॉबी बरकरार रखी जाएगी। इस नए हॉल का उपयोग बच्चों की विधानसभा जैसे विशेष कार्यक्रमों के लिए भी किया जा सकेगा।

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