आस्था के द्वार पर तकनीकी का झोल! वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के आवेदन की अंतिम तिथि आज

जयपुर। राजस्थान के हजारों बुजुर्गों को मुफ्त में देश-विदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने वाली देवस्थान विभाग की महत्वाकांक्षी ‘वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2026-27’ के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि बुधवार (आज) है। मरुधरा के वरिष्ठ नागरिकों में इस बार मुफ्त तीर्थ यात्रा को लेकर भारी उत्साह और श्रद्धा देखी जा रही है, लेकिन ऐन अंतिम वक्त पर विभागीय वेबसाइट के तकनीकी झोल और सुस्त सर्वर ने आवेदकों और ई-मित्र संचालकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। सबसे ज्यादा भ्रम की स्थिति देवस्थान विभाग के ऑनलाइन डैशबोर्ड को लेकर बनी हुई है, जहाँ वर्तमान सत्र के लाइव डेटा के बजाय पिछले साल के पुराने आंकड़े प्रदर्शित हो रहे हैं।

वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना पोर्टल के मुख्य पेज पर फिलहाल 1,15,024 कुल आवेदन और 1,84,015 यात्रियों का सांख्यिकीय आंकड़ा दिखाई दे रहा है। हकीकत यह है कि यह पूरी संख्या गत वर्ष यानी 2025 की है। ऐसे में प्रदेशभर के आवेदक और आईटी विशेषज्ञ यह समझने में पूरी तरह असमर्थ हैं कि विभाग ने नए सत्र 2026-27 की अंतिम तिथि आने तक भी पोर्टल को अपडेट क्यों नहीं किया? रीयल-टाइम डेटा उपलब्ध न होने से पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं और जिला प्रशासन को भी यह पता नहीं चल पा रहा है कि इस बार किस जिले से कुल कितने वास्तविक आवेदन जमा हुए हैं। इसके साथ ही मंगलवार को भी दिनभर सर्वर अत्यधिक धीमा रहने से बुजुर्गों को एसएसओ आईडी (SSO ID) के जरिए फॉर्म अपलोड करने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।

योजना 2026-27 का सांख्यिकीय और भौगोलिक ढांचा

देवस्थान विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष के बजट घोषणा संख्या-119 के तहत जारी किए गए आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस बार यात्रा का पैमाना और कोटे का सांख्यिकीय विवरण निम्नलिखित रूप से वर्गीकृत है:

  • कुल लक्षित लाभार्थी: इस वर्ष कुल 56,000 वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त तीर्थ यात्रा कराने का विधिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
  • विशेष एसी ट्रेन (AC Train): देश के 15 प्रमुख धार्मिक सर्किटों (जैसे रामेश्वरम, जगन्नाथ पुरी, द्वारकापुरी) के दर्शन हेतु 50,000 बुजुर्गों को वातानुकूलित ट्रेनों के माध्यम से भेजा जाएगा।
  • अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा (Air Travel): इस बार विशेष बजटीय प्रावधान के तहत 6,000 तीर्थयात्रियों को हवाई मार्ग से पड़ोसी देश नेपाल के काठमांडू स्थित भगवान पशुपतिनाथ मंदिर के मुफ्त दर्शन का अद्वितीय अवसर मिलेगा।

[Image showing senior citizens operating a computer at a digital help center with eager expressions]

रामलला के दर्शन का सबसे ज्यादा आकर्षण; जयपुर जिला रहा था अव्वल

विभागीय सूत्रों के अनुसार, पिछले वर्ष की तरह इस बार भी अयोध्या में विराजमान प्रभु श्री रामलला के दर्शनों को लेकर बुजुर्गों में सबसे ज्यादा आकर्षण और क्रेज देखने को मिल रहा है। देवस्थान विभाग के जिला काउंटरों पर अयोध्या रूट की ट्रेनों और सहायक (Attendant) ले जाने के नियमों को लेकर सर्वाधिक पूछताछ दर्ज की गई है।

यदि पिछले साल (2025) के आवेदनों का सांख्यिकीय विश्लेषण करें, तो जयपुर संभाग से सर्वाधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। जयपुर शहर, जयपुर ग्रामीण और नवगठित दूदू जिले से कुल 17,086 बुजुर्गों ने आवेदन जमा किए थे, जिसमें अकेले जयपुर शहर से ही 10,534 आवेदक शामिल थे। इस बार भी जयपुर जिले से यह आंकड़ा रिकॉर्ड तोड़ने की उम्मीद है, बशर्ते अंतिम दिन सर्वर पूरी तरह क्रैश न हो।

अतिरिक्त आयुक्त का कैजुअल जवाब; जून के अंतिम सप्ताह में खुलेगी लॉटरी

इस पूरे डेटा मैनेजमेंट और पोर्टल की गड़बड़ी को लेकर जब ‘Expose Now’ की टीम ने देवस्थान विभाग के अतिरिक्त आयुक्त गितेश मालवीया से सीधे सवाल किए, तो उनका जवाब बेहद कैजुअल रहा। उन्होंने कहा:

“मैं अभी वर्तमान सत्र के लाइव आंकड़ों की तुरंत जानकारी नहीं दे सकता। हमारे यहाँ रोजाना आने वाले आवेदनों का डिजिटल रिकॉर्ड इस तरह रीयल-टाइम में मेंटेन नहीं किया जाता है। पोर्टल पर पुराने आंकड़े क्यों दिख रहे हैं, इस संबंध में तकनीकी विंग से चर्चा करने के बाद ही मैं बाद में कुछ बता पाऊँगा।”

प्रशासनिक शेड्यूल के अनुसार, 10 जून (आज) को आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद स्क्रूटनी की जाएगी। इसके बाद जून के अंतिम सप्ताह में जिलावार निर्धारित कोटे के अनुसार कंप्यूटराइज्ड लॉटरी (Lottery) निकाली जाएगी। जिन भाग्यशाली बुजुर्गों का नाम मुख्य सूची में आएगा, उन्हें नियमानुसार राजकीय चिकित्सकों से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ‘चिकित्सीय प्रमाण पत्र’ सत्यापित कराकर जमा करना होगा। विभाग की योजना के मुताबिक, आगामी जुलाई 2026 के प्रथम पखवाड़े से विशेष तीर्थ ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने का सिलसिला शुरू कर दिया जाएगा। पात्र वरिष्ठ नागरिक अंतिम क्षणों के विधिक पंजीकरण के लिए देवस्थान विभाग आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन सबमिट कर सकते हैं।

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