प्रदेश की पुलिस अपराधियों पर लगाम लगाने के दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। कहने को तो पुलिस अभियान चलाकर अपराधियों को पकड़ रही है, लेकिन हकीकत यह है कि अपराधियों की संख्या कम नहीं हो रही है। हालात यह है कि जिन बदमाशों पर शिकंजा कसना था, वही खुलेआम हत्या जैसे संगीन अपराध कर रहे हैं।
पुलिस के अभियान बेअसर, 11 हजार से ज्यादा बदमाश सक्रिय
पुलिस के अनुसार प्रदेशभर में 11 हजार 972 हिस्ट्रीशीटर सक्रिय हैं और ज्यादातर पर 10 से ज्यादा केस दर्ज हैं। आंकड़े साफ बता रहे हैं कि पुलिस की कोशिशें असरदार नहीं हैं। हाल ही में उदयपुर में दो हिस्ट्रीशीटरों ने अन्य बदमाशों के साथ मिलकर एक युवक की हत्या कर दी थी। ये दोनों अभी फरार हैं। यह घटना बताती है कि अभियान चलाने भर से अपराध नहीं रुक रहे हैं।
रेंज का गणित: उदयपुर सबसे ऊपर, भरतपुर सबसे नीचे
दैनिक भास्कर द्वारा खंगाले गए आंकड़ों के अनुसार, उदयपुर रेंज हिस्ट्रीशीटरों के मामले में प्रदेश में टॉप पर है। यहाँ सबसे ज्यादा 1964 हिस्ट्रीशीटर हैं।
- जोधपुर रेंज: 1795 (दूसरे स्थान पर)
- जयपुर रेंज: 1444 (तीसरे स्थान पर)
- भरतपुर रेंज: 978 (सबसे कम हिस्ट्रीशीटर)
जिलों की स्थिति: जयपुर में अपराधियों का ‘जाल’
| टॉप 5 जिले | अपराधी संख्या | बॉटम 5 जिले | अपराधी संख्या |
| जयपुर | 1109 | खैरतल-तिजारा | 76 |
| उदयपुर | 680 | सलुंबर | 79 |
| कोटा | 673 | फलोदी | 100 |
| जोधपुर | 621 | भिवाड़ी | 103 |
| बीकानेर | 455 | कोटपूतली-बहरोड़ | 131 |
उदयपुर जिले का विशेष विश्लेषण: 8 सर्किल में 680 हिस्ट्रीशीटर
उदयपुर जिला 8 सर्किल में बंटा है, जिनमें 42 थाने हैं और इनके 680 आदतन अपराधी हैं।
- सर्किल्स की स्थिति: सबसे ज्यादा हिस्ट्रीशीटर सिटी पूर्व (170) और सिटी पश्चिम (169) सर्किल में हैं। इसके बाद गिरवा (93), मावली (71), कोटड़ा (48), ऋषभदेव (48), वल्लभनगर (43) और झाड़ोल (38) का नंबर आता है।
- टॉप 5 थाने (उदयपुर):
- सूरजपोल: 72
- अंबामाता: 55
- धानमंडी-घंटाघर: 38-38
- डबोक: 37
- गोवर्धन विलास: 35
- यहाँ सबसे कम हिस्ट्रीशीटर: बावलवाड़ा (4), टीडी (5), हाथीपोल-भींडर (6-6), ओगणा-कानोड़ (7), मांडवा-घासा (8-8)।
