करौली, करौली दंगे के मुख्य आरोपी और सट्टा किंग अमीनुद्दीन उर्फ अमीन खान की अवैध संपत्ति पर बुलडोजर चलाने की मांग को लेकर विवाद गहरा गया है। बुधवार को भाजपा नेता अशोक पाठक के नेतृत्व में हिंदू संगठनों ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर जिला प्रशासन और नगर परिषद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठनों ने प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि अवैध निर्माण नहीं गिराया गया, तो हिंदू समाज स्वयं ‘कारसेवक’ बनकर कार्रवाई करेगा।
“होटल बचाने के लिए हुआ 2 करोड़ का लेन-देन”
प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा नेता अशोक पाठक ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मास्टरमाइंड अमीन खान के साथ अधिकारियों की मिलीभगत है। उन्होंने दावा किया कि अवैध होटल को न तोड़ने के बदले 2 करोड़ रुपये के लेनदेन की चर्चा है। पाठक ने कहा कि जिला प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारी जिम्मेदारी लेने के बजाय एक-दूसरे पर मामले को टाल रहे हैं।
कारसेवक बनने और शिव मंदिर निर्माण की मांग
हिंदू संगठनों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि 48 घंटे के भीतर प्रशासन ने अवैध होटल पर बुलडोजर नहीं चलाया, तो संगठन के लोग राम मंदिर आंदोलन की तर्ज पर कारसेवक बनेंगे और स्वयं उस अवैध निर्माण को ध्वस्त करेंगे। साथ ही मांग की गई है कि उस स्थान पर शिव मंदिर का निर्माण कराया जाए।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने भी की सख्त कार्रवाई की मांग
मामले पर भाजपा जिलाध्यक्ष गोवर्धन सिंह ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि अमीनुद्दीन खान करौली दंगे का मास्टरमाइंड है और उसकी जितनी भी अवैध संपत्तियां हैं, प्रशासन को उन पर बिना किसी देरी के बुलडोजर चलाना चाहिए।
प्रशासन का पक्ष: “आरोप बेबुनियाद हैं”
इधर, नगर परिषद आयुक्त एवं एसडीएम प्रेमराज मीना ने हिंदू संगठनों द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि:
- प्रशासन पर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद हैं।
- नगर परिषद पहले ही संबंधित अवैध होटल को सीज कर चुकी है।
- अवैध निर्माण को लेकर नियमानुसार नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं।
वही इस मामले में विधायक दर्शन सिंह गुर्जर से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनके पीएसओ ने बताया कि विधायक फिलहाल एक महत्वपूर्ण बैठक में व्यस्त हैं।
कौन है अमीनुद्दीन खान?
बता दें कि अमीनुद्दीन खान नगर परिषद की पूर्व सभापति रशीदा खातून का पुत्र है। उस पर 2 अप्रैल 2022 को करौली में हुए सांप्रदायिक दंगे का मुख्य साजिशकर्ता (मास्टरमाइंड) होने का आरोप है। इसके अलावा उसे क्षेत्र में ‘सट्टा किंग’ के नाम से भी जाना जाता है।
प्रेस वार्ता में पंडित गोपेश शास्त्री, साहब सिंह गुर्जर, गजेंद्र भारद्वाज, के.के. मित्तल सहित कई पदाधिकारी और हिंदू समाज के लोग उपस्थित रहे।
