राजस्थान विधानसभा में भारी हंगामा: राहुल गांधी पर टिप्पणी और डोटासरा-दिलावर की भिड़ंत, सदन दो बार स्थगित

जयपुर, राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान सदन का माहौल बेहद गरमा गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक, निजी आरोपों और राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी के कारण सदन की कार्यवाही में बार-बार व्यवधान आया और दो बार स्थगन करना पड़ा।

राहुल गांधी पर टिप्पणी से भड़का विपक्ष

हंगामे की शुरुआत तब हुई जब भाजपा विधायक श्रीचंद कृपलानी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए एक अप्रकाशित पुस्तक का जिक्र किया। इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि जो व्यक्ति सदन का सदस्य नहीं है, उसका नाम कार्यवाही में नहीं लिया जाना चाहिए। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच जोरदार नारेबाजी हुई, जिसके चलते अध्यक्ष को दोपहर 4:24 बजे सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

डोटासरा और मदन दिलावर के बीच ‘शब्द युद्ध’

कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बीच व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।

  • डोटासरा का आरोप: उन्होंने मंत्री दिलावर पर शिक्षा व्यवस्था चौपट करने का आरोप लगाया। डोटासरा ने कहा, “शिक्षकों को कभी कुत्ते भगाने तो कभी राम कथा में ड्यूटी पर लगा दिया गया। स्कूलों में 1.75 लाख छात्रों का नामांकन कम हुआ है और सत्र के बीच में तबादले किए गए।”
  • दिलावर का पलटवार: शिक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि शिक्षकों ने पूर्व मुख्यमंत्री से शिकायत की थी कि डोटासरा रिश्वत लेते हैं।

इस तीखी बहस के बीच डोटासरा ने पलटवार करते हुए कहा, “मेरे दादाजी ने सिखाया था कि कीचड़ में पत्थर नहीं फेंकने चाहिए, क्योंकि कीचड़ वापस उछलकर आप पर ही आता है।” अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद इन विवादित टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटाने का आश्वासन दिया गया।

पेपर लीक और सीबीआई जांच की मांग

डोटासरा ने सरकार को घेरते हुए पिछले 12 वर्षों में हुए तमाम पेपर लीक (REET, NEET, RAS और विश्वविद्यालय परीक्षाएं) की सीबीआई (CBI) जांच कराने की चुनौती दी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बुनियादी ढांचे और स्कूलों में शौचालयों जैसी सुविधाओं पर ध्यान देने के बजाय केवल धार्मिक कार्यक्रमों और तबादलों में व्यस्त है।

वित्तीय अनियमितताओं पर चुनौती

सदन में डोटासरा ने सरकार को भ्रष्टाचार के आरोपों पर कार्रवाई करने की चुनौती देते हुए कहा कि यदि कोई 5,000 रुपये का भी हेरफेर कर सकता है, तो वह कुछ भी कर सकता है। उन्होंने सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाया और कार्रवाई की मांग की।

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