राजस्थान एयरोस्पेस एण्ड डिफेंस पॉलिसी: प्रदेश बनेगा रक्षा विनिर्माण का नया ग्लोबल हब, निवेश और रोजगार की खुलेगी राह

जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने राज्य को एयरोस्पेस और डिफेंस (A&D) विनिर्माण क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए ‘राजस्थान एयरोस्पेस एण्ड डिफेंस नीति’ को मंजूरी दे दी है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य रक्षा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना और प्रदेश में एक मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करना है।

नीति के मुख्य स्तंभ और उद्देश्य

यह नीति न केवल बड़े निवेशकों को आकर्षित करेगी, बल्कि MSMEs, स्टार्टअप्स और नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को भी विशेष प्रोत्साहन देगी। इसके तहत मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है:

  • विनिर्माण उद्यम (Manufacturing Units)
  • उपकरण एवं घटक निर्माता (Component Manufacturers)
  • प्रिसीजन इंजीनियरिंग इकाइयाँ (Precision Engineering)
  • मेंटेंनेंस, रिपेयर एवं ओवरहॉलिंग (MRO Units)

परियोजनाओं का श्रेणीकरण

नीति के सुचारू क्रियान्वयन के लिए विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की परियोजनाओं को उनके निवेश के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है:

1. विनिर्माण परियोजनाएं (Manufacturing Projects):

  • लार्ज: ₹50 करोड़ से ₹300 करोड़ तक का निवेश।
  • मेगा: ₹300 करोड़ से ₹1000 करोड़ तक का निवेश।
  • अल्ट्रा मेगा: ₹1000 करोड़ से अधिक का निवेश।

2. सर्विस सेक्टर (Service Sector):

  • लार्ज: ₹25 करोड़ से ₹100 करोड़ तक का निवेश।
  • मेगा: ₹100 करोड़ से ₹250 करोड़ तक का निवेश।
  • अल्ट्रा मेगा: ₹250 करोड़ से अधिक का निवेश।

प्रमुख प्रोत्साहन और वित्तीय लाभ

निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार ने उदार वित्तीय लाभों की घोषणा की है:

  • निवेश अनुदान: पात्र उद्यमों को 7 वर्षों तक राज्य कर (State Tax) का 75% पुनर्भरण
  • विकल्प की सुविधा: विनिर्माण इकाइयों के लिए 10 वर्षों में 20-28% पूंजीगत अनुदान या टर्नओवर लिंक्ड प्रोत्साहन का विकल्प।
  • विशेष बूस्टर: 10-15% एम्प्लॉयमेंट बूस्टर, एंकर बूस्टर (10%), और थ्रस्ट बूस्टर (20%) जैसे अतिरिक्त लाभ।
  • सनराइज बूस्टर: पहली तीन मेगा/अल्ट्रा मेगा इकाइयों के लिए 25% अतिरिक्त टॉप-अप

भूमि और बिजली पर विशेष छूट

  • भूमि भुगतान: रीको से भूमि लेने वाले मेगा/अल्ट्रा मेगा उद्यमों को 10 वर्षों तक फ्लेक्जिबल पेमेंट मॉडल की सुविधा।
  • सब्सिडी: 5 वर्षों के लिए 25% ऑफिस स्पेस लीज रेंटल सब्सिडी।
  • शुल्क छूट: 7 वर्षों तक विद्युत शुल्क से 100% छूट और मंडी शुल्क का पूर्ण पुनर्भरण।
  • स्टाम्प ड्यूटी: स्टाम्प शुल्क और रूपांतरण शुल्क में 75% तक की तत्काल छूट

आर्थिक और कौशल विकास पर जोर

यह नीति केवल विनिर्माण तक सीमित नहीं है। इसमें ग्रीन इन्सेंटिव, स्किल एवं ट्रेनिंग इन्सेंटिव और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) क्रिएशन जैसे प्रावधान शामिल हैं। इससे राजस्थान के युवाओं को उच्च-तकनीकी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और राज्य की जीडीपी में औद्योगिक क्षेत्र का योगदान बढ़ेगा।

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