राजस्थान के 26 जिलों में अब दिन में मिलेगी कृषि बिजली, चित्तौड़गढ़ और टोंक के किसानों को बड़ी सौगात

जयपुर। राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने प्रदेश के किसानों को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला किया है। मुख्यमंत्री के संकल्प के अनुसार, वर्ष 2027 तक प्रदेश के सभी कृषि उपभोक्ताओं को दिन में बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में ऊर्जा विभाग ने कदम बढ़ा दिए हैं। इसी कड़ी में अब सर्वाधिक कृषि उपभोक्ताओं वाले चित्तौड़गढ़ और टोंक जिले को भी दिन में दो ब्लॉक बिजली आपूर्ति (Two Block Power Supply) नेटवर्क से जोड़ दिया गया है। इसके साथ ही अब प्रदेश के 26 जिलों के किसानों को दिन के समय सिंचाई के लिए निर्बाध बिजली मिल सकेगी।

चित्तौड़गढ़ और टोंक के किसानों को बड़ी सौगात

उल्लेखनीय है कि चित्तौड़गढ़ जिला पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा कृषि उपभोक्ताओं वाला जिला है।

  • चित्तौड़गढ़ (अजमेर डिस्कॉम): इस विद्युत सर्किल में कुल 1.01 लाख कृषि उपभोक्ता हैं।
  • टोंक (जयपुर डिस्कॉम): इस सर्किल में 34,748 कृषि उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा।

इससे पहले अप्रैल महीने में जयपुर डिस्कॉम के दौसा और करौली जिलों को इस दायरे में लाया गया था। अब इस सूची में टोंक और चित्तौड़गढ़ का नाम भी जुड़ गया है।

किसानों को मिला बड़ा आराम: दिन में बिजली मिलने से अब किसानों को कड़कड़ाती ठंड, भारी बारिश या विषैले जीवों के खतरे के बीच रात में सिंचाई करने के लिए खेतों में नहीं जाना पड़ेगा। अब वे रात का समय अपने परिवार के साथ चैन से बिता पा रहे हैं।

इन 26 जिलों को मिल रही है दिन में दो ब्लॉक सप्लाई

ऊर्जा सचिव एवं डिस्कॉम्स चेयरमैन आरती डोगरा ने बताया कि तीनों डिस्कॉम्स (जयपुर, जोधपुर, अजमेर) और प्रसारण निगम मिलकर इस काम को प्राथमिकता से पूरा कर रहे हैं। वर्तमान में इन जिलों को जोड़ा जा चुका है:

डिस्कॉम (Discom)जिलों की संख्याशामिल जिलों के नाम
अजमेर डिस्कॉम14 में से 13 जिलेअजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, डीडवाना-कुचामन, उदयपुर, सलूम्बर, प्रतापगढ़, राजसमंद, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, झुन्झुनूं, सीकर एवं चित्तौड़गढ़
जयपुर डिस्कॉम15 में से 10 जिलेधौलपुर, बूंदी, कोटा, झालावाड़, जयपुर, डीग, भरतपुर, दौसा, करौली एवं टोंक
जोधपुर डिस्कॉम12 में से 03 जिलेजालौर, सिरोही एवं पाली

इंफ्रास्ट्रक्चर और विद्युत नेटवर्क को किया मजबूत

दिन में दो ब्लॉक सप्लाई की बाधाओं को दूर करने के लिए पिछले ढाई वर्षों में राजस्थान के विद्युत तंत्र को बेहद मजबूत किया गया है:

  • नए जीएसएस (GSS): 400 केवी, 220 केवी और 132 केवी के 59 ग्रिड सब स्टेशन तथा 33 केवी के 444 सब स्टेशन स्थापित किए गए।
  • चित्तौड़गढ़ में विकास: यहाँ 132 केवी के 2 और 33 केवी के 4 नए जीएसएस बनाकर क्षमता में 563 एमवीए (MVA) की बढ़ोतरी की गई।
  • टोंक में विकास: यहाँ 33 केवी के 5 नए जीएसएस बनाए गए और ट्रांसफार्मरों की क्षमता में 142.40 एमवीए की वृद्धि की गई।

‘पीएम कुसुम योजना’ बनी रीढ़ की हड्डी

इस पूरी योजना को अमलीजामा पहनाने में प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM KUSUM Scheme) गेमचेंजर साबित हो रही है। प्रदेश के गांव-ढाणियों में अब तक 4338 मेगावाट क्षमता की 1967 लघु सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं। इसमें अकेले टोंक में 34 मेगावाट और चित्तौड़गढ़ में 46 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं, जिससे दिन में सौर ऊर्जा के जरिए बिजली देना आसान हुआ है।

Share This Article
Leave a Comment