कोटा/झालावाड़: सामूहिक विवाह सम्मेलन में नवदंपतियों के मैरिज सर्टिफिकेट (विवाह प्रमाण पत्र) जारी करने की एवज में रिश्वत मांगने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) कोटा ने बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी ने जिला झालावाड़ की तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी (VDO) रजनी मीणा के खिलाफ कोटा कोर्ट में चार्जशीट (चालान) पेश कर दी है। आरोपी वीटीओ को अप्रैल महीने में 10,400 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था और वह तब से ही जेल में बंद है।
आरोपी रजनी मीणा घटना के वक्त पंचायत समिति खानपुर (झालावाड़) के अंतर्गत ग्राम पंचायत मऊबोरदा में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत थी।
सामूहिक विवाह के 26 जोड़ों से मांगी थी रिश्वत
एसीबी कोटा के एडिशनल एसपी विजय स्वर्णकार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 10 अप्रैल 2026 को एक परिवादिया ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में बताया गया था कि 16 फरवरी 2026 को ग्राम धानोदा खुर्द में एक सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन हुआ था, जिसमें 26 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। जब इन 26 जोड़ों के मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने के लिए ग्राम विकास अधिकारी रजनी मीणा से संपर्क किया गया, तो उसने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए रिश्वत की मांग रख दी।
13 हजार की डिमांड, 10,400 पर तय हुआ सौदा
आरोपी वीटीओ ने प्रति जोड़े के हिसाब से 500 रुपये की मांग की थी।
- शुरुआती मांग: 500 रुपये प्रति जोड़ा (26 जोड़ों के कुल 13,000 रुपये)
- सहमति: मोलभाव के बाद 400 रुपये प्रति जोड़ा तय हुआ (कुल 10,400 रुपये)
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने इसका गोपनीय रूप से सत्यापन कराया, जिसमें ग्राम विकास अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई।
रंगे हाथ गिरफ्तारी और कोर्ट में चालान
सत्यापन के बाद एसीबी टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। 15 अप्रैल 2026 को ट्रैप की कार्रवाई की गई, जिसमें आरोपी रजनी मीणा को परिवादिया से 10,400 रुपये की नकद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच और कानूनी प्रक्रिया:
- इस पूरे मामले की विस्तृत जांच एसीबी कोटा के डीएसपी अनीस अहमद द्वारा की गई।
- जांच में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा-7 के तहत अपराध पूरी तरह प्रमाणित पाया गया।
- अपराध प्रमाणित होने के बाद अब एसीबी ने कोटा कोर्ट में आरोपी के खिलाफ चालान (चार्जशीट) पेश कर दिया है।
गिरफ्तारी के दिन (15 अप्रैल) से ही आरोपी रजनी मीणा न्यायिक अभिरक्षा (जेल) में अपनी सजा काट रही है।