जयपुर: राजधानी जयपुर के गांधी नगर रेलवे स्टेशन परिसर में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन अब और अधिक गंभीर हो गया है। NSUI के तीन छात्र नेता गत 30 जुलाई से पानी की ऊंची टंकी पर चढ़े हुए हैं और अब उन्होंने टंकी पर ही आमरण अनशन शुरू कर दिया है। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के चलते प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ है।
कौन-कौन से छात्र नेता हैं टंकी पर और क्या हैं मांगें?
पानी की टंकी पर राजस्थान विश्वविद्यालय के NSUI प्रभारी विजयपाल कुड़ी, छात्र नेत्री वियोना जाट और छात्र नेता कोशेन खान डटे हुए हैं। छात्र नेताओं ने कहा कि उन्हें टंकी पर चढ़े हुए 26 घंटे से अधिक समय हो गया है और प्रशासन गंभीर है, लेकिन सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
- छात्रसंघ चुनाव की बहाली: पिछले चार वर्षों से राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए गए हैं। छात्रों का कहना है कि छात्र राजनीति युवाओं के लिए लोकतंत्र की पहली पाठशाला है, जिससे नेतृत्व क्षमता विकसित होती है।
- दिल्ली लाठीचार्ज का विरोध: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज की भी कड़े शब्दों में निंदा की गई है।
- आमरण अनशन की चेतावनी: सरकार की ओर से सकारात्मक वार्ता न होने पर छात्र नेताओं ने टंकी पर ही अन्न-जल त्यागकर आमरण अनशन का ऐलान कर दिया है। उनका साफ कहना है कि वे छात्रसंघ चुनाव बहाल करवाकर ही दम लेंगे।
प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, सिविल डिफेंस और प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंच गईं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए टंकी के नीचे सुरक्षा जाल (Safety Net) लगाया गया है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारी लगातार छात्र नेताओं से बातचीत कर उन्हें सुरक्षित नीचे उतारने और समझाइश के प्रयास कर रहे हैं। इस प्रदर्शन के कारण आसपास के इलाके में यातायात भी प्रभावित हुआ है, और प्रशासन की इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनी हुई है।
