जयपुर: राजधानी जयपुर में पुलिस और सीएसटी (CST) द्वारा पकड़े गए लाखों रुपए के जाली नोटों के मामले में लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। बांग्लादेश के ढाका से हरियाणा के रास्ते जयपुर तक पहुंची इस जाली करेंसी के नेटवर्क की जड़ें कई राज्यों तक फैली हुई हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपी अमन राणा की तलाश तेज कर दी है और मामले की गहराई से जांच के लिए अपनी विशेष टीमें कोलकाता और रोहतक रवाना कर दी हैं।
गरीब लोगों के बैंक खातों का हुआ इस्तेमाल
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि इस अंतरराज्यीय गिरोह का मुख्य सरगना रोहतक निवासी अमन राणा है, जिसके तार सीधे बांग्लादेश से जुड़े हुए हैं। जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह ने कोलकाता में गरीब और जरूरतमंद लोगों को पैसों का लालच देकर उनके बैंक खाते हासिल किए थे और इन्हीं खातों के जरिए अवैध रकम का लेन-देन किया जाता था। इसके अलावा, जाली नोटों की सप्लाई के लिए इस्तेमाल की जाने वाली लग्जरी गाड़ियां आरोपियों के रिश्तेदारों की निकली हैं।
ऐसे हुआ था पर्दाफाश
बजाज नगर थाना पुलिस और सीएसटी की संयुक्त कार्रवाई के दौरान हरियाणा नंबर की दो कारों में सवार चार आरोपियों—साहिल चौधरी (फतेहपुर सदर, सीकर), अंशुल, प्रियांशु और आकाश (रोहतक, हरियाणा)—को गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों के कब्जे से कुल 4,30,500 रुपए के जाली नोट बरामद किए गए थे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी एक लाख रुपए के असली नोट देकर करीब पांच लाख रुपए के जाली नोट हासिल करते थे।
चुनाव में खपाने की थी साजिश
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात भी सामने आई है कि यह गिरोह जाली नोटों की इस बड़ी खेप को आगामी नगर निगम चुनावों के दौरान बाजार में खपाने की फिराक में था। फिलहाल कोर्ट से रिमांड पर चल रहे आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है, जिसमें नीमकाथाना निवासी जीतू का नाम भी सामने आया है। पुलिस अन्य संलिप्त आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही है।