जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों से प्रकृति के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बिजली-पानी की बचत, पौधारोपण और प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाकर ही हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वायु और निर्मल जल सौंप सकते हैं। मुख्यमंत्री शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर उन्होंने ‘मिशन हरियालो राजस्थान’ और ‘वंदे गंगा जल संरक्षण’ जैसे अभियानों की सफलता को रेखांकित करते हुए प्रदेश को हरित और जल संपन्न बनाने का संकल्प दोहराया।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में राजस्थान पहले पायदान पर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘एक पेड़ मां के नाम’ मुहिम से प्रेरणा लेकर राजस्थान ने अभूतपूर्व कार्य किया है और आवंटित लक्ष्य को प्राप्त कर राज्य ने देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया है।
पौधारोपण के मुख्य लक्ष्य और उपलब्धियां:
- 50 करोड़ का लक्ष्य: ‘मिशन हरियालो’ के तहत अगले 5 वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
- 19 करोड़ पौधे लगे: अब तक प्रदेश में लगभग 19 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं।
- इस वर्ष का लक्ष्य: चालू वर्ष में 10 करोड़ नए पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जल संरक्षण बना जन आंदोलन
सीएम शर्मा ने बताया कि 25 मई को गंगा दशहरा के अवसर पर शुरू किया गया ‘वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान’ अब एक जन आंदोलन बन चुका है। इस अभियान में प्रदेश के 4 करोड़ नागरिकों ने अपनी भागीदारी निभाई है, जिनमें 1 करोड़ 80 लाख महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा, ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ अभियान के जरिए प्रवासी राजस्थानी भी अपनी मातृभूमि में जल संरक्षण के कार्यों से जुड़ रहे हैं।
प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के लिए नई पहलें
राज्य सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं:
- चयनित जिलों में 11-11 हजार पौधे लगाकर नमो चंदन वन स्थापित किए जा रहे हैं।
- जिला मुख्यालयों पर नमो नर्सरी और पंचायत स्तर पर नमो वन विकसित किए जा रहे हैं।
- 16 जिलों में मॉडल उद्यान ऑक्सीजोन और 21 जिलों में गोबरधन-परियोजना के तहत बायो-गैस संयंत्र लगाए जा रहे हैं।
- 29 अमृत शहरों में वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए गए हैं।
करोड़ों की परियोजनाओं का लोकार्पण और एमओयू
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने अलवर एवं भिवाड़ी में अर्ली वार्निंग सिस्टम (वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान हेतु) का शुभारंभ किया। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण कार्य हुए:
- प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के लिए राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RSPCB) और वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के मध्य एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर।
- 7 नवीन पौधशालाओं और 8 प्रे-बेस ऑग्मेंटेशन एनक्लोजर्स का लोकार्पण।
- आरएसपीसीबी के 4 क्षेत्रीय कार्यालयों का शिलान्यास।
- ग्रीन-को रेटिंग योजना और हैकाथॉन विजेताओं को पुरस्कार वितरण।
‘नन्हे पर्यावरण मित्र’ को दिया ऑटोग्राफ
समारोह में उस वक्त एक खुशनुमा माहौल बन गया, जब एक नन्हा बच्चा (पर्यावरण मित्र) मंच पर पहुंचकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से ऑटोग्राफ मांगने लगा। मुख्यमंत्री ने भी पूरी आत्मीयता से बच्चे को दुलारा और ऑटोग्राफ देकर उसका उत्साहवर्धन किया। इससे पूर्व, सीएम ने ‘प्रकृति से प्रेरित’ प्रदर्शनी का उद्घाटन कर विभिन्न स्टालों का अवलोकन भी किया।
कार्यक्रम में विधि एवं न्याय मंत्री जोगाराम पटेल और वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, नगरीय विकास राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा, सांसद मंजू शर्मा सहित वन एवं पर्यावरण विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रकृति प्रेमी मौजूद रहे।
