झुंझुनू में फिल्मी ड्रामा: रिश्वत लेकर भाग रहे चिड़ावा थाने के पुलिस ड्राइवर ने ACB टीम पर चढ़ाई गाड़ी, कांस्टेबल को 12 फीट दूर पटका

झुंझुनू/चिड़ावा। राजस्थान के झुंझुनू जिले के चिड़ावा पुलिस थाने में एक बेहद सनसनीखेज और खौफनाक मामला सामने आया है। चिड़ावा थाने पर तैनात एक पुलिस गाड़ी के वर्दीधारी ड्राइवर (कांस्टेबल) अनिल कुमार ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी रिश्वत की रकम वसूलने के बाद एसीबी की टीम को देखकर अपनी ही पुलिस गाड़ी (बोलेरो) को बैक गियर में डालकर तेज रफ्तार से भागा। इस दौरान उसने रोकने का प्रयास कर रहे एसीबी के जांबाज कांस्टेबल लक्ष्मीनारायण पर गाड़ी चढ़ा दी। जान बचाने के लिए कांस्टेबल गाड़ी के पायदान पर चढ़कर बोनट पर झुक गया, लेकिन बेरहम ड्राइवर ने गाड़ी को लहराते हुए बिजली के खंभे और एक खड़ी कार से सटाकर निकाला, जिससे टकराकर कांस्टेबल 10-12 फीट दूर सड़क पर जा गिरा और बेहोश हो गया।

लकड़ी की पिकअप गाड़ियां चलाने के बदले मांगी थी ‘मंथली’

मामला सूखी लकड़ियों का कारोबार करने वाले बीकानेर निवासी परिवादी अजय पंवार से जुड़ा है। अजय झुंझुनू के सूरजगढ़ इलाके में किराए की पिकअप गाड़ियों से सूखी लकड़ियां आरा मशीन पर बेचने का काम करता है । करीब दो महीने पहले, चिड़ावा थाने की पुलिस गाड़ी के चालक अनिल कुमार (पुत्र लोकराम) ने उसकी पिकअप रुकवाई और धमकी दी कि अगर इलाके में गाड़ी चलानी है तो ₹12,000 प्रति गाड़ी देने होंगे। गरीब होने का हवाला देने पर सौदा ₹8,000 प्रति गाड़ी (दो गाड़ियों का ₹16,000 प्रतिमाह) तय हुआ। डरा-धमकाकर आरोपी ने उसी समय ₹10,000 वसूल लिए और बाकी के ₹6,000 की मांग लगातार कर रहा था।

एसीबी का जाल और थाने के अंदर रिश्वत का लेन-देन

रिश्वत न देने की इच्छा के कारण परिवादी ने 30 मार्च 2026 को जयपुर एसीबी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन विंग) में शिकायत दर्ज कराई। एसीबी के उप अधीक्षक सुरेन्द्र पंचोली के निर्देशन में 8 अप्रैल 2026 को डिजिटल वॉयस रिकॉर्डर के जरिए शिकायत का गोपनीय सत्यापन करवाया गया, जिसमें रिश्वत मांगने की बात पूरी तरह साबित हो गई।

इसके बाद 10 अप्रैल 2026 को ट्रैप की योजना बनाई गई। एसीबी ने केमिकल पाउडर (फिनोफ्थलीन) लगे ₹3,000 परिवादी को देकर चिड़ावा थाने भेजा। दोपहर करीब 1:24 बजे परिवादी ने थाने के अंदर आरोपी कांस्टेबल अनिल कुमार को रिश्वत के ₹3,000 सौंप दिए, जिसे उसने अपनी वर्दी की पैन्ट की जेब में रख लिया।

एसीबी जवान को बोनट पर घसीटा, 12 फीट दूर फेंका

जैसे ही परिवादी ने रिश्वत देकर इशारा किया, एसीबी की टीम ने थाने के गेट पर घेराबंदी कर दी। खुद को घिरा देख आरोपी ड्राइवर अनिल कुमार ने कोर्ट में पेशी पर जाने वाले कैदियों और पुलिस जाब्ते से भरी सरकारी बोलेरो गाड़ी को अचानक बैक गियर में डाल दिया और लापरवाही से पीछे की तरफ भगाने लगा।

पीछे तैनात एसीबी कांस्टेबल संदीप कुमार, नरेन्द्र सिंह और लक्ष्मीनारायण ने गाड़ी रोकने का इशारा किया तो आरोपी ने उन पर ही गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। संदीप और नरेन्द्र ने तो बाईं तरफ कूदकर जान बचाई, लेकिन दीवार और गाड़ी के बीच फंसे लक्ष्मीनारायण अपनी जान जोखिम में डालकर बोलेरो के पायदान पर चढ़ गए और लाइट स्टैंड पकड़कर शीशे पर मुक्के मारने लगे।

बेखौफ ड्राइवर ने गाड़ी को नहीं रोका। उसने पहले गाड़ी को बिजली के खंभे से सटाकर कांस्टेबल को गिराने की कोशिश की और फिर सड़क किनारे खड़ी एक हुंडई आई-20 कार (RJ 18 CC 1684) से सटाकर अपनी गाड़ी निकाल दी। इस जोरदार टक्कर से कांस्टेबल लक्ष्मीनारायण गाड़ी से उछलकर 10-12 फीट दूर सड़क पर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए।

गाड़ी छोड़कर रिश्वत की रकम सहित फरार हुआ पुलिसवाला

इस खौफनाक हादसे के बाद भी आरोपी अनिल कुमार गाड़ी को अत्यधिक स्पीड में भगाते हुए मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल एसीबी कांस्टेबल को तुरंत चिड़ावा के राजकीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से नाजुक हालत के कारण उन्हें झुंझुनू के बीडीके अस्पताल रेफर कर दिया गया। बाद में पता चला कि आरोपी अनिल कुमार बाईपास रोड स्थित ‘इन्द्रा थ्रेसर वर्कशॉप’ के पास सरकारी बोलेरो गाड़ी को लावारिस छोड़कर रिश्वत की रकम सहित भागने में कामयाब रहा। पुलिस टीमों द्वारा उसकी भरसक तलाश की गई, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा।

भ्रष्टाचार के साथ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज

इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए एसीबी के निर्देश पर चिड़ावा थाने में ही आरोपी कांस्टेबल अनिल कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 308(2) (गंभीर चोट पहुंचाकर हत्या का प्रयास), 125, 109(1), 121(1), 238 (लोकसेवक को कर्तव्य से रोकना) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत एफआईआर संख्या 106/2026 दर्ज करवाई गई है।

राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, जयपुर के पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस बड़े भ्रष्टाचार और जानलेवा हमले के प्रकरण की आगामी विस्तृत जांच झुंझुनू एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपर पुलिस अधीक्षक) नरेन्द्र पूनिया को सौंपी है।

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