बीकानेर: राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बीकानेर जिले के मुक्ता प्रसाद नगर पुलिस थाने में तैनात हैड कांस्टेबल रामकुमार के खिलाफ पद के दुरुपयोग और रिश्वत की मांग करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। आरोपी हैड कांस्टेबल ने एक मामले में एफआर (अंतिम रिपोर्ट) लगाने की एवज में परिवादी पर विपक्षी पार्टी को 50,000 रुपये देने का दबाव बनाया और ऐसा न करने पर जेल भेजने की धमकी दी थी।
Contents
क्या है पूरा मामला और कैसे हुई शिकायत?
- बीकानेर के मुक्ता प्रसाद नगर निवासी 36 वर्षीय रोहित पंवार ने 19 दिसंबर 2025 को एसीबी चौकी बीकानेर में शिकायत दर्ज कराई थी।
- शिकायत के अनुसार, रोहित पंवार के खिलाफ मुक्ता प्रसाद नगर थाने में मुकदमा संख्या 255/2025 दर्ज था, जिसकी जांच हैड कांस्टेबल रामकुमार कर रहे थे।
- 18 दिसंबर 2025 को हैड कांस्टेबल रामकुमार ने रोहित को थाने बुलाकर 50,000 रुपये ‘खर्चा पानी’ की मांग की ।
- आरोपी ने धमकी दी कि यदि रुपये नहीं दिए गए तो वह उसे गिरफ्तार कर जेल भेज देगा और मामले में चालान पेश कर देगा।
सत्यापन के दौरान परिवादी को थाने में बैठाया
- शिकायत मिलने के बाद एसीबी टीम ने रोहित पंवार को एक डिजिटल वॉयस रिकॉर्डर देकर सत्यापन के लिए थाने भेजा ।
- थाने पहुंचने पर आरोपी हैड कांस्टेबल ने रोहित को वहीं बैठा लिया और उसका मोबाइल भी बंद करवा दिया ताकि वह किसी से संपर्क न कर सके।
- इसी बीच परिवादी ने बहाना बनाकर अपने मित्र करणी सिंह को थाने के बाहर बुलाया और उसे चुपके से एसीबी का वॉयस रिकॉर्डर सौंप दिया, जिसे बाद में करणी सिंह ने बाहर खड़ी एसीबी टीम को सुपुर्द कर दिया।पढ़े पूरी FIR…
पढ़े पूरी FIR…
वॉयस रिकॉर्डिंग में खुली पोल
- एसीबी द्वारा रिकॉर्डिंग की जांच करने पर सामने आया कि हैड कांस्टेबल रामकुमार परिवादी पर 50,000 रुपये विपक्षी पार्टी को देकर राजीनामा करने का दबाव बना रहा था।
- रिकॉर्डिंग में आरोपी यह कहते हुए सुना गया कि अगर पैसे नहीं दिए तो वह उसे रात भर अंदर बंद रखेगा और चालान कर देगा।
मुकदमा झूठा निकला, फिर भी दी धमकी
- एसीबी की जांच में यह भी सामने आया कि रोहित पंवार के खिलाफ दर्ज मुकदमा संख्या 255/2025 दरअसल झूठा था।
- हैड कांस्टेबल रामकुमार ने बाद में इस मामले में न्यायालय में ‘अदम वकू-झूठ’ मानते हुए एफआर (अंतिम रिपोर्ट नंबर 236/23.12.2025) पेश कर दी थी।
- इससे यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने लोक कर्तव्यों का गलत तरीके से निर्वहन करते हुए परिवादी को चालान का भय दिखाकर 50 हजार रुपये देने के लिए मजबूर करने का प्रयास किया था।
आगे की कार्रवाई
- इन पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर एसीबी मुख्यालय जयपुर ने आरोपी हैड कांस्टेबल रामकुमार (52 वर्ष) के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 308(2) के तहत एफआईआर (FIR No. 0131) दर्ज कर ली है।
- इस प्रकरण की आगे की गहन जांच एसीबी बीकानेर की पुलिस निरीक्षक पिंकी गंगवाल को सौंपी गई है।
