किसानों से धोखाधड़ी पर ‘बाबा’ की सर्जिकल स्ट्राइक: जोधपुर में पकड़ा गया 50 करोड़ का घटिया मूंगफली बीज, अधिकारियों को भी चेतावनी

जोधपुर: राजस्थान सरकार के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा इन दिनों पूरे एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। जयपुर और चौमूं में ताबड़तोड़ छापेमार कार्रवाई के बाद बुधवार (27 मई 2026) को मंत्री मीणा का काफिला अचानक सूर्य नगरी जोधपुर पहुंचा। यहां उन्होंने बोरानाडा औद्योगिक क्षेत्र में बिना किसी पूर्व सूचना के नकली बीज निर्माण इकाइयों और कोल्ड स्टोरेज पर धावा बोल दिया। इस औचक और गुप्त कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक और औद्योगिक महकमे में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान करीब 50 करोड़ रुपये का घटिया मूंगफली बीज सील किया गया है और गुजरात सप्लाई के लिए जा रहा एक ट्रक भी जब्त किया गया है।

अस्वस्थ होने के बावजूद धरातल पर उतरे मंत्री

इस हाई-प्रोफाइल छापेमार कार्रवाई का एक मानवीय पहलू यह भी रहा कि डॉ. किरोड़ी लाल मीणा पिछले कुछ समय से शारीरिक रूप से अस्वस्थ हैं और डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी थी। बुधवार सुबह जोधपुर पहुंचने पर डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी किया। लेकिन किसानों के साथ हो रही धोखाधड़ी की पुख्ता खुफिया शिकायतें मिलने के बाद, उन्होंने अपनी सेहत की परवाह किए बिना सीधे मैदान में उतरने का फैसला किया। चेकअप के तुरंत बाद वे विभागीय जांच दल के साथ बोरानाडा औद्योगिक क्षेत्र पहुंच गए।

साधारण मूंगफली को बना रहे थे ‘प्रमाणित बीज’

कृषि विभाग को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि कुछ अवैध बीज कारोबारी खुले बाजार से कम दाम पर साधारण खाने वाली मूंगफली खरीदते हैं। इसके बाद बिना किसी वैज्ञानिक प्रमाणीकरण, ग्रेडिंग और रासायनिक उपचार के, उस साधारण मूंगफली को चमकीली थैलियों और ब्रांडेड बोतलों में पैक कर देते हैं। इस घटिया मूंगफली को महंगे और उच्च गुणवत्ता वाले ‘प्रमाणित बीज’ के रूप में किसानों को बेचा जा रहा था।

मंत्री ने जब बोरानाडा स्थित एक कोल्ड स्टोरेज और फैक्ट्रियों पर छापा मारा, तो वहां 10-चक्का का एक बड़ा ट्रक खड़ा मिला, जिसमें इस घटिया बीज की बोरियां भरी जा रही थीं। यह पूरा माल पड़ोसी राज्य गुजरात की दो बड़ी व्यापारिक फर्मों को सप्लाई किया जाना था, जिसे तुरंत जब्त कर लिया गया।

50 करोड़ का संदिग्ध स्टॉक सील, एक मालिक फरार

कृषि मंत्री द्वारा एक साथ दो बड़ी फैक्ट्रियों पर की गई इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के नतीजे चौंकाने वाले रहे:

  • पहली फैक्ट्री: टेक्निकल टीम को दस्तावेजों और वास्तविक स्टॉक में भारी विसंगतियां मिलीं। बिना वैध रिकॉर्ड के डंप किया गया करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य का संदिग्ध मूंगफली बीज और कच्चा माल पाया गया, जिसे तत्काल सील कर दिया गया।
  • दूसरी फैक्ट्री: मंत्री के आने की भनक मिलते ही दूसरी फैक्ट्री का मुख्य संचालक और मालिक परिसर खुला छोड़कर फरार हो गया। मंत्री के निर्देश पर पूरी फैक्ट्री को सील कर पुलिस सुरक्षा तैनात कर दी गई है।

मिलावटखोरों और लापरवाह अधिकारियों को सख्त चेतावनी

कार्रवाई के बाद मीडिया से बातचीत में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कड़े शब्दों में कहा कि भजनलाल सरकार प्रदेश के किसानों की कमाई पर डाका डालने वाले माफियाओं को किसी कीमत पर नहीं बख्शेगी।

उन्होंने बताया कि जब्त किए गए 50 करोड़ के पूरे स्टॉक के सैंपल सरकारी लैबोरेट्री में जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होते ही फैक्ट्री मालिकों और उनके नेटवर्क के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।

इसके साथ ही मंत्री ने स्थानीय कृषि अधिकारियों को भी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि बोरानाडा जैसे प्रमुख क्षेत्र में 50 करोड़ का अवैध कारोबार चलने में किसी भी विभागीय अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत या लापरवाही सामने आई, तो उनके खिलाफ तत्काल निलंबन और सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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