वीसीआर (VCR) भरने की धमकी देकर मांगे थे 25 हजार; एसीबी ने बिजली विभाग के एईएन व कंप्यूटर ऑपरेटर को रंगे हाथों पकड़ा

टोंक। राजस्थान में भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। शुक्रवार को एसीबी की टोंक इकाई ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL) टोंक के सहायक अभियंता (AEN) नवनीत सिंह गुर्जर और एक दलाल (कंप्यूटर ऑपरेटर) मोहम्मद शाजिम को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा के नेतृत्व में की गई।

वीसीआर (VCR) भरने की धमकी देकर मांगे 25 हजार

एसीबी को दी गई शिकायत में परिवादी ने बताया कि:

  • 4 जून 2026 को विद्युत विभाग की टीम उसके घर पहुंची थी। टीम ने उसके मीटर की फोटो ली और मीटर को खोलकर अपने साथ ले गई।
  • इसके बाद सहायक अभियंता नवनीत गुर्जर (निवासी मानसरोवर, जयपुर) ने परिवादी को वीसीआर (Vigilance Checking Report) भरने की धमकी दी।
  • मीटर वापस देने और वीसीआर न भरने की एवज में एईएन ने 25 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की।
  • एसीबी द्वारा शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी 20 हजार रुपए लेने पर सहमत हो गया।

यूं बिछाया गया ट्रैप और धरे गए आरोपी

उप महानिरीक्षक पुलिस अजमेर रेंज नारायण टोगस के सुपरवीजन में इस ट्रैप कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की गई। ट्रेप के दौरान AEN नवनीत सिंह गुर्जर ने परिवादी से सीधे पैसे न लेकर, उसे अपने कार्यालय में कार्यरत सहयोगी व कंप्यूटर ऑपरेटर मोहम्मद शाजिम को रिश्वत राशि देने के निर्देश दिए। परिवादी ने जैसे ही 20 हजार रुपए शाजिम को दिए, उसने राशि गिनकर अपनी पैंट की पीछे वाली दाहिनी जेब में रख ली। इसी दौरान एसीबी टीम ने इशारा पाते ही दबिश दी और रिश्वत की राशि बरामद कर दोनों आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया।

फिलहाल एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक पुलिस एस. परिमाला के निर्देशन में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

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