‘ऑपरेशन वज्र प्रहार’ से टूटी नशा तस्करों की कमर; बिरमचन्द लोधा की आलीशान कोठियां प्लॉट और गाड़ियां सीज

मादक पदार्थ तस्करों और नशा माफियाओं के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति पर काम कर रही बारां जिला पुलिस ने मंगलवार को एक बेहद बड़ी और नजीर बनने वाली कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने ‘ऑपरेशन वज्र प्रहार’ के तहत कुख्यात ड्रग तस्कर बिरमचंद लोधा और उसके पूरे परिवार की करोड़ों रुपये की अवैध संपत्तियों के उपभोग, हस्तांतरण और क्रय-विक्रय पर स्थायी रूप से विधिक रोक लगा दी है। एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की धारा 68-F के तहत की गई इस ऐतिहासिक कार्रवाई में करीब 3 करोड़ 92 लाख 81 हजार 111 रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्तियां और संदिग्ध बैंकिंग लेनदेन को जांच के दायरे में लेते हुए पूरी तरह फ्रीज कर दिया गया है।

बारां पुलिस अधीक्षक (SP) अभिषेक अंदासु ने कार्रवाई का विवरण देते हुए बताया कि जिले में मादक पदार्थ तस्करी का नेटवर्क ध्वस्त करने और नशा माफियाओं की आर्थिक रीढ़ तोड़ने के उद्देश्य से ‘ऑपरेशन वज्र प्रहार’ की शुरुआत की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विशेष अभियान का लक्ष्य केवल अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी अवैध काली कमाई और नशीले पदार्थों के बूते खड़े किए गए आलीशान आर्थिक साम्राज्य को नेस्तनाबूद करना है।

तस्कर के कुनबे ने खड़ी की थी 3.92 करोड़ की अवैध संपत्ति, बैंक खातों में बड़ा खेल

पुलिस की सघन वित्तीय जांच और विश्लेषण में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि सारथल थाना क्षेत्र के ग्राम डोकरी खोह निवासी मुख्य आरोपी बिरमचंद लोधा, उसकी पत्नी फूलाबाई, भाई राहुल लोधा और राहुल की पत्नी भावना ने मिलकर मादक पदार्थ तस्करी से अर्जित काली कमाई को सुनियोजित तरीके से विभिन्न अचल और चल संपत्तियों में निवेश किया था।

पुलिस की विशेष वित्तीय टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निम्नलिखित संपत्तियों को फ्रीज किया है:

  • अचल संपत्तियां: ठग कुनबे द्वारा बनाए गए 02 आलीशान मकान (कोठियां) और 05 रिहायशी प्लॉट।
  • चल संपत्तियां: तस्करों के उपयोग में आ रही 02 कारें (मारुति व ईको) और 01 मोटरसाइकिल। इन सभी वाहनों और अचल संपत्तियों की कुल अनुमानित बाजार कीमत करीब 1,600,26,526 रुपये (1.60 करोड़) आंकी गई है।
  • बैंक खातों का खेल: तस्कर और उसके परिजनों के बैंक खातों के गहन विश्लेषण से पता चला कि महज विगत 01 वर्ष के भीतर ही इनके विभिन्न खातों में 2,32,54,585 रुपये (2.32 करोड़) का संदिग्ध और भारी-भरकम लेनदेन हुआ है। पूछताछ में आरोपी इस विशाल राशि का कोई भी वैध या कानूनी आय का स्रोत पेश नहीं कर पाए।

सक्षम प्राधिकारी नई दिल्ली की मुहर के बाद जमीनी कार्रवाई

उल्लेखनीय है कि सारथल पुलिस ने तस्कर बिरमचन्द लोधा के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाकर एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-F के तहत एक विस्तृत परिवाद नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) की अदालत में पेश किया था। न्यायालय में करीब दो महीने तक चली गहन विधिक सुनवाई और तर्कों के बाद, माननीय न्यायालय ने बारां पुलिस द्वारा जारी फ्रीजिंग आदेश को पूरी तरह वैध माना।

सक्षम प्राधिकारी के आदेश क्रमांक 1504 दिनांक 16 मई, 2026 की अनुपालना में आज 02 जून 2026 को जिला कलेक्टर बारां के प्रशासनिक निर्देशों पर ग्राम सचिव दिगोद जागीर और सारथल थाना पुलिस ने डोकरी खोह स्थित घटनास्थलों पर पहुंचकर संपत्तियों को विधिक रूप से फ्रीज करने, सील करने और मुनादी कराने की कार्यवाही को सफलतापूर्वक संपादित किया।

आरोपी का पुराना रिकॉर्ड: 250 किलो डोडा चूरा और बलेनो कार पहले ही जब्त

अभियुक्त बिरमचन्द लोधा कोई साधारण अपराधी नहीं है, बल्कि उसके विरुद्ध पूर्व में भी एनडीपीएस एक्ट के कुल 03 गंभीर और बड़े आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इनमें से एक मामला कमर्शियल (व्यावसायिक) मात्रा का है। पुलिस द्वारा पहले की गई अलग-अलग कार्रवाइयों में इस तस्कर के कब्जे से 250 किलोग्राम अवैध डोडा चूरा जब्त किया जा चुका है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये है। इसके अतिरिक्त, तस्करी के परिवहन में प्रयुक्त की जा रही एक बलेनो कार (कीमत करीब 8 लाख रुपये) को भी पुलिस पहले ही राजसात (जब्त) कर चुकी है।

संपत्तियों के उपभोग और हस्तांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध

सक्षम प्राधिकारी नई दिल्ली द्वारा आदेश को विधिक रूप से अनुमोदित किए जाने के बाद अब मुख्य आरोपी, उसके परिवार का कोई भी सदस्य या रिश्तेदार इन संपत्तियों का स्वयं के लिए उपयोग नहीं कर सकेंगे, और न ही इन्हें किसी अन्य व्यक्ति को बेच या हस्तांतरित (Transfer) कर पाएंगे। पुलिस का मानना है कि इस सख्त कार्रवाई से हाड़ौती अंचल सहित पूरे राजस्थान के नशा तस्करों में एक कड़ा और स्पष्ट संदेश जाएगा कि अपराध की काली कमाई अंततः कानून के शिकंजे से बच नहीं सकती।

एसपी अभिषेक अंदासु ने अपनी विशेष टीम की पीठ थपथपाते हुए कहा कि नशे के काले कारोबार को जड़ से उखाड़ने के लिए ऐसी आर्थिक चोट सबसे मारक और प्रभावी हथियार साबित हो रही है। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली संयुक्त टीम में पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पुलिस निरीक्षक विनोद कुमार, सारथल थानाधिकारी धर्मपाल सिंह, सहायक उप निरीक्षक विमलेश मेहता, कांस्टेबल रमेश कुमार (उत्कृष्ट और मुख्य भूमिका), कमलेश कुमार तथा जितेन्द्र का विशेष और सराहनीय योगदान रहा।

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