जयपुर: राजधानी जयपुर की सड़कों पर एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला है। मंगलवार देर रात विद्याधर नगर स्थित क्रॉस मॉल के पास एक तेज रफ्तार कार ने साइकिल सवार तीन मजदूरों को बेरहमी से कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
रात 12:30 बजे हुआ भीषण हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंगलवार रात करीब 12:30 बजे क्रॉस मॉल के पास अचानक तेज रफ्तार कार ने सामने से आ रहे साइकिल सवार मजदूरों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों मजदूर उछलकर सड़क पर जा गिरे और उनकी साइकिलें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। सड़क पर खून बिखर गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
ओडिशा निवासी मजदूर करता था कैटरिंग का काम
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान ओडिशा के बालेश्वर निवासी 45 वर्षीय देवव्रत बोहरा उर्फ टप्पू के रूप में हुई है। वह जयपुर में कैटरिंग का काम करता था और देर रात काम खत्म कर अपने साथियों के साथ साइकिल से जलूपुरा लौट रहा था। हादसे में घायल दो अन्य मजदूरों की पहचान संग्राम और अमूल्य पात्र (दोनों निवासी ओडिशा) के रूप में हुई है।
घायलों की हालत गंभीर, एसएमएस रेफर
हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को निजी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने देवव्रत को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल दोनों मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद कांवटिया अस्पताल और फिर एसएमएस (SMS) अस्पताल रेफर किया गया है, जहाँ उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
हादसे के बाद चालक कार छोड़कर फरार
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे के तुरंत बाद कार चालक कुछ देर रुका, लेकिन भीड़ जमा होती देख वह कार को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार को जब्त कर लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि कार की रफ्तार काफी ज्यादा थी और चालक ने लापरवाही से वाहन चलाया।
सीसीटीवी फुटेज से मिले अहम सुराग
पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस का दावा है कि संदिग्ध कार के नंबर से जुड़े अहम सुराग मिले हैं और जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और लापरवाह ड्राइविंग के खिलाफ नाराजगी जताई। सूचना पर एडिशनल डीसीपी बजरंग सिंह शेखावत और एसीपी सुनील सिंह सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाइश कर मामला शांत कराया।
