नो योर आर्मी प्रदर्शनी: भविष्य का ‘डिजिटल सिपाही’ बना आकर्षण का केंद्र, दुर्गम क्षेत्रों में सेना का साथी बनेगा रोबोटिक म्यूल

जयपुर, 78वें सेना दिवस के उपलक्ष्य में जयपुर के भवानी निकेतन शिक्षा समिति परिसर में आयोजित चार दिवसीय ‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी आमजन के लिए आकर्षण और गर्व का केंद्र बनी हुई है। इस प्रदर्शनी में भारतीय सेना ने न केवल अपने शौर्य की गाथाओं को प्रदर्शित किया है, बल्कि अपनी भविष्य की अत्याधुनिक युद्ध क्षमताओं की झलक भी दिखाई है।

रोबोटिक म्यूल (MULE): आधुनिक युद्धक्षेत्र का नया ‘गेम चेंजर’

प्रदर्शनी में सबसे अधिक चर्चा रोबोटिक म्यूल (Multi-Utility Legged Equipment) की हो रही है। यह चार पैरों वाला एक स्वायत्त (Autonomous) रोबोट है, जो देखने में किसी मेटल डॉग जैसा लगता है। इसे विशेष रूप से उन दुर्गम परिस्थितियों के लिए डिजाइन किया गया है जहां पहिये वाले वाहन नहीं पहुंच सकते।

इसकी प्रमुख विशेषताएं:

  • दुर्गम क्षेत्रों का साथी: यह ऊंचे पहाड़ों, घने जंगलों और रेगिस्तान की तपती रेत में बिना थके सैनिकों का सामान ढो सकता है।
  • इंटेलिजेंस और सर्विलांस: इसमें लगे थर्मल कैमरे और सेंसर रात के अंधेरे में भी दुश्मन की हर हलचल को ट्रैक कर सकते हैं।
  • जान बचाने वाला रक्षक: इसे लैंडमाइंस और आईईडी (IED) का पता लगाने के लिए सैनिकों से आगे भेजा जा सकता है, जिससे इंसानी जान का जोखिम कम होता है।
  • मारक क्षमता: जरूरत पड़ने पर इस पर हल्की मशीनगन या मिसाइल लॉन्चर भी फिट किए जा सकते हैं।

आधुनिक तकनीक और अनुशासन का संगम

प्रदर्शनी में सेना के आधुनिक हथियारों और विश्वस्तरीय प्रशिक्षण उपकरणों को देखकर युवाओं और स्कूली बच्चों में भारी उत्साह देखा गया। भारतीय सेना के अनुशासन और देश के प्रति अटूट निष्ठा को प्रदर्शित करते हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को सेना के प्रति प्रेरित करना और उन्हें आधुनिक तकनीक से परिचित कराना है।

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