SI और PTI भर्ती का ‘फर्जी खिलाड़ी’: बाड़मेर का शातिर अपराधी भभूताराम गिरफ्तार, डमी कैंडिडेट बनकर लगाता था सेंध

बाड़मेर। राजस्थान में सरकारी भर्तियों में धांधली करने वाले माफियाओं के खिलाफ एसओजी (SOG) का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। ताजा कार्रवाई में एसओजी ने 15 हजार रुपये के इनामी बदमाश भभूताराम उर्फ रणजीत को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। बाड़मेर जिले के धनाउ थाना क्षेत्र का रहने वाला यह आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था, जिसे पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद दबोच लिया गया है।

PTI भर्ती में मुकेश सारण की जगह दी थी परीक्षा

एसओजी के अनुसार, भभूताराम शारीरिक शिक्षा अध्यापक (PTI) भर्ती परीक्षा-2022 में धोखाधड़ी का मुख्य आरोपी है। उसने मूल अभ्यर्थी मुकेश सारण की जगह डमी कैंडिडेट (फर्जी अभ्यर्थी) बनकर परीक्षा दी थी। इस मामले में जयपुर के एसओजी थाने में जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है।

SI भर्ती में भी रहा है ‘डमी’ मास्टरमाइंड

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि भभूताराम भर्ती परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थी बैठाने का आदतन अपराधी है।

  • पुराना रिकॉर्ड: वह राजस्थान पुलिस उप निरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा-2021 में भी डमी कैंडिडेट बैठाने के आरोप में पहले गिरफ्तार हो चुका है।
  • कार्यप्रणाली: आरोपी मोटी रकम लेकर योग्य उम्मीदवारों की जगह फर्जी तरीके से परीक्षा में बैठता था या अन्य लोगों को बैठाने का इंतजाम करता था।

बिना खेले बना ‘खिलाड़ी’: फर्जी खेल सर्टिफिकेट का खुलासा

पूछताछ के दौरान आरोपी ने एक और बड़ा जुर्म कबूला है। भभूताराम ने स्वीकार किया कि उसने कभी किसी खेल प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया, लेकिन सरकारी नौकरी पाने के लिए ताइक्वांडो का फर्जी प्रमाण पत्र हासिल कर लिया। इस फर्जीवाड़े को लेकर एसओजी ने उसके खिलाफ अलग से मामला दर्ज किया है।

16 मई तक रिमांड पर आरोपी

एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि आरोपी को बाड़मेर पुलिस के सहयोग से पकड़ा गया है। न्यायालय ने उसे 16 मई 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

“रिमांड के दौरान आरोपी से उन लाभार्थी छात्रों और नेटवर्क के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ की जा रही है जिन्होंने डमी कैंडिडेट की सेवाएं ली थीं। अब तक इस गिरोह के 5 सदस्य पकड़े जा चुके हैं।”

भर्ती परीक्षाओं की शुचिता पर सवाल

राजस्थान में एक के बाद एक आ रहे डमी कैंडिडेट और पेपर लीक के मामलों ने सिस्टम की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। एसओजी अब यह पता लगा रही है कि भभूताराम के तार किन बड़े ‘आकाओं’ से जुड़े हैं और उसने अब तक कितने अयोग्य लोगों को फर्जी तरीके से वर्दी या शिक्षक की कुर्सी तक पहुँचाया है।

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