क्विक कॉमर्स में सबसे बड़ा दांव: Zepto लाएगी 11,000 करोड़ का IPO, बोर्ड ने दी मंजूरी; जोमैटो-स्विगी को सीधी चुनौती देने की तैयारी

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मुंबई: भारत के क्विक कॉमर्स बाजार (Quick Commerce Market) में हलचल तेज हो गई है। 10 मिनट में डिलीवरी देने वाली कंपनी Zepto ने शेयर बाजार में उतरने की अपनी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, Zepto के बोर्ड ने 11,000 करोड़ रुपये (करीब 1.3 अरब डॉलर) जुटाने के लिए आईपीओ (IPO) लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम में अब तक के सबसे बड़े और बहुप्रतीक्षित आईपीओ में से एक होगा।

गोपनीय तरीके से जमा होंगे कागजात (Confidential Filing) Zepto ने इस आईपीओ के लिए ‘कॉन्फिडेंशियल रूट’ (Confidential Route) चुनने का फैसला किया है।

  • क्या है यह: इसके तहत कंपनी सेबी (SEBI) के पास अपने ड्राफ्ट पेपर्स (DRHP) गोपनीय तरीके से जमा करती है, जो सार्वजनिक नहीं होते।
  • फायदा: इससे कंपनी को अपनी संवेदनशील जानकारी छिपाए रखने और बाजार की स्थितियों के हिसाब से आईपीओ का आकार या समय बदलने की लचीलापन (Flexibility) मिलती है। खबर है कि कंपनी ने सेबी के पास कागजात जमा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

आदित्य और कैवल्य रचेंगे इतिहास अगर यह आईपीओ सफल होता है, तो Zepto के संस्थापक आदित्य पालीचा और कैवल्य वोहरा भारतीय शेयर बाजार में अपनी कंपनी लिस्ट कराने वाले सबसे युवा संस्थापक बन जाएंगे।

  • वित्तीय हालात: वित्त वर्ष 2025 में Zepto का राजस्व (Revenue) 129% बढ़कर 9,669 करोड़ रुपये हो गया है। हालांकि, विस्तार के कारण कंपनी का घाटा भी बढ़कर 3,367 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

बाजार में मचेगा घमासान Zepto की लिस्टिंग के बाद क्विक कॉमर्स सेक्टर में प्रतिस्पर्धा और तीखी हो जाएगी। शेयर बाजार में पहले से मौजूद Zomato (Blinkit) और हाल ही में लिस्ट हुई Swiggy (Instamart) के बाद Zepto तीसरी बड़ी कंपनी होगी। विश्लेषकों का मानना है कि Zepto के पास करीब 7,000 करोड़ रुपये का कैश रिजर्व (War Chest) मौजूद है, जिसका इस्तेमाल वह डार्क स्टोर्स की संख्या बढ़ाने और डिस्काउंट वॉर में करेगी।

निवेशकों के लिए क्या है खास? इस आईपीओ में नए शेयर (Fresh Issue) और पुराने निवेशकों द्वारा बिक्री (OFS) दोनों शामिल होंगे। हाल ही में कंपनी ने 450 मिलियन डॉलर की फंडिंग उठाई थी, जिससे इसकी वैल्यूएशन 7 बिलियन डॉलर (करीब 59,000 करोड़ रुपये) हो गई है। यह आईपीओ अगले साल (2026) की दूसरी छमाही तक बाजार में आने की उम्मीद है।

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