टोंक/जयपुर। राजस्थान के टोंक जिले के लिए गर्व का क्षण है। जिले के मूल निवासी जय मूंदड़ा का चयन भारत के खिलाफ आगामी टी-20 सीरीज के लिए आयरलैंड की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में हुआ है। 29 वर्षीय जय पहली बार आयरलैंड की सीनियर अंतरराष्ट्रीय टीम का हिस्सा बने हैं और उन्हें भारत जैसी विश्व स्तरीय टीम के खिलाफ अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
जय मूंदड़ा का यह सफर केवल क्रिकेट की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि संघर्ष, सपनों और परिवार के विश्वास की भी मिसाल है। उनके पिता का सपना था कि बेटा एक दिन बड़े स्तर पर क्रिकेट खेले। पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन जय ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जगह बनाकर उनका सपना पूरा कर दिया है।
भारत के खिलाफ टी-20 सीरीज में मिला मौका
आयरलैंड क्रिकेट बोर्ड ने भारत के खिलाफ 26 और 28 जून को होने वाली दो मैचों की टी-20 सीरीज के लिए 14 सदस्यीय टीम की घोषणा की है। इस टीम में जय मूंदड़ा को पहली बार शामिल किया गया है। वह लेफ्ट आर्म गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर हैं और अपनी आक्रामक गेंदबाजी तथा उपयोगी बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं।
यदि उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका मिलता है तो वह आयरलैंड के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले भारतीय मूल के चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो जाएंगे।
टोंक से आयरलैंड तक का सफर
जय मूंदड़ा मूल रूप से राजस्थान के टोंक शहर के निवासी हैं। उन्होंने बचपन से ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। परिवार ने उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया। क्रिकेट के साथ-साथ उन्होंने पढ़ाई पर भी ध्यान दिया और बाद में उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने का फैसला किया।
साल 2021 में जय M.Tech (इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन) की पढ़ाई के लिए स्टूडेंट वीजा पर आयरलैंड गए थे। वहां पढ़ाई के साथ नौकरी भी की और स्थानीय क्रिकेट में हिस्सा लेना शुरू किया। धीरे-धीरे उनके प्रदर्शन ने क्रिकेट आयरलैंड के चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया। बाद में उन्हें आयरलैंड की नागरिकता प्राप्त हुई और राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने का रास्ता खुल गया।
एक समय लगा था क्रिकेट करियर खत्म हो जाएगा
क्रिकेट आयरलैंड को दिए एक इंटरव्यू में जय ने बताया कि कॉलेज के बाद उन्हें लगा था कि फुल-टाइम नौकरी मिलने के बाद उनका क्रिकेट करियर समाप्त हो जाएगा। लेकिन उन्होंने खुद को एक आखिरी मौका देने का फैसला किया। उन्होंने नौकरी के सुरक्षित रास्ते से हटकर क्रिकेट को फिर गंभीरता से अपनाया और यही निर्णय आज उनके अंतरराष्ट्रीय चयन का कारण बना।
उन्होंने बताया कि बचपन में वह बल्लेबाज और स्पिनर भी रहे, लेकिन बाद में तेज गेंदबाजी पर फोकस किया। आयरलैंड पहुंचने के बाद उन्होंने क्लब क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और 2023 में आयरिश सीनियर कप जीतने वाली टीम का हिस्सा भी रहे।
पिता का सपना हुआ साकार
जय के परिवार के लिए यह उपलब्धि बेहद भावुक करने वाली है। उनके पिता गिरिराज मूंदड़ा अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन परिवार का कहना है कि बेटे ने उनका सपना पूरा कर दिया। परिवार के सदस्यों के अनुसार, पिता हमेशा चाहते थे कि जय बड़े स्तर पर क्रिकेट खेले और देश-विदेश में नाम रोशन करे।
जय की मां ने इसे परिवार के लिए गर्व का क्षण बताया है। वहीं उनकी छोटी बहन मानसी ने कहा कि परिवार को जैसे ही चयन की खबर मिली, सभी खुशी से झूम उठे।
परिवार में क्रिकेट का जुनून
दिलचस्प बात यह है कि जय के परिवार में क्रिकेट का जुनून लंबे समय से रहा है। उनके चचेरे भाई अजय मूंदड़ा भी स्वीडन में क्रिकेट खेलते हैं। परिवार का कहना है कि पेशेवर क्रिकेट का माहौल भले पहले नहीं रहा हो, लेकिन बच्चों की रुचि को हमेशा प्रोत्साहित किया गया।
आयरलैंड क्रिकेट में नई पहचान
क्रिकेट आयरलैंड ने जय मूंदड़ा को भविष्य के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में माना है। चयन के बाद जय ने कहा कि भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ खेलना उनके लिए सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना हमेशा उनका लक्ष्य था और अब वह इस अवसर का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं।
राजस्थान के लिए गर्व का पल
राजस्थान से कई खिलाड़ियों ने घरेलू क्रिकेट में पहचान बनाई है, लेकिन किसी छोटे शहर से निकलकर विदेश की राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना बेहद दुर्लभ उपलब्धि मानी जाती है। जय मूंदड़ा की सफलता यह साबित करती है कि प्रतिभा और मेहनत के दम पर दुनिया के किसी भी मंच तक पहुंचा जा सकता है।
टोंक के इस युवा क्रिकेटर की कहानी उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो पढ़ाई और करियर के साथ अपने खेल के सपनों को भी जिंदा रखना चाहते हैं। अब पूरे राजस्थान की नजर भारत और आयरलैंड के बीच होने वाली टी-20 सीरीज पर होगी, जहां जय मूंदड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाने उतर सकते हैं।