जयपुर। राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटों पर होने वाले द्विवार्षिक चुनाव की तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। प्रदेश की तीनों सीटों पर सभी प्रत्याशियों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया है। नाम वापसी की समय-सीमा समाप्त होने के बाद रिटर्निंग अधिकारी ने तीनों प्रत्याशियों के निर्विरोध चुने जाने की आधिकारिक घोषणा कर दी और उन्हें निर्वाचन का प्रमाण पत्र भी सौंप दिया।
संसद के उच्च सदन के लिए निर्विरोध चुने गए नेताओं में डॉक्टर सतीश पूनिया, डॉक्टर अलका गुर्जर और नीरज डांगी शामिल हैं। चुनाव मैदान में केवल तीन ही उम्मीदवारों के नामांकन होने के कारण इस बार मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी और प्रक्रिया पूरी तरह निर्विघ्न संपन्न हो गई।
चुनावी अंकगणित ने पहले ही तय कर दिया था परिणाम
विधानसभा के मौजूदा संख्या बल को देखते हुए यह परिणाम पहले से ही तय माना जा रहा था। राज्य की तीन सीटों के लिए विधायकों के मतों का जो समीकरण था, उसके अनुसार किसी भी चौथे उम्मीदवार ने पर्चा दाखिल नहीं किया। मुख्य विपक्षी दल ने अपने कोटे से एक और सत्ताधारी दल ने अपने संख्या बल के आधार पर दो उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। किसी अन्य निर्दलीय या अतिरिक्त उम्मीदवार के सामने न आने से स्क्रूटनी और नाम वापसी के तय कार्यक्रम के साथ ही निर्वाचन की घोषणा कर दी गई।
सदन में संतुलन रहेगा बरकरार इन तीन सीटों पर हुए चुनाव के बाद राजस्थान से राज्यसभा की कुल 10 सीटों का दलीय संतुलन जस का तस बना रहेगा। इस चुनाव से पहले दोनों प्रमुख दलों के पास 5-5 सीटें थीं। निवर्तमान सांसदों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद हुए इस चुनाव में सत्ताधारी दल के खाते में दो सीटें और विपक्षी दल के खाते में एक सीट गई है, जिससे दोनों दलों की सदस्य संख्या 5-5 पर ही स्थिर रहेगी।

अनुभव, युवा और महिला प्रतिनिधित्व का मेल
इस बार राजस्थान से उच्च सदन भेजे जा रहे तीनों चेहरों में राजनीतिक अनुभव और सामाजिक संतुलन का खास ध्यान रखा गया है:
- डॉ. सतीश पूनिया: संगठन के बेहद अनुभवी नेता हैं, जो पूर्व में विधायक और प्रदेश स्तर पर बड़े पदों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वर्तमान में वे पड़ोसी राज्य के सांगठनिक मामलों के प्रभारी के रूप में काम देख रहे हैं।
- डॉ. अलका गुर्जर: पार्टी की राष्ट्रीय सचिव के रूप में सक्रिय महिला चेहरा हैं, जो पूर्व में विधायक रह चुकी हैं। उन्हें उच्च सदन भेजकर महिला नेतृत्व को बड़ा प्रतिनिधित्व दिया गया है।
- नीरज डांगी: वरिष्ठ और अनुशासित नेता हैं, जिन्हें पार्टी आलाकमान ने संगठन के प्रति उनकी अटूट निष्ठा और समर्पण को देखते हुए लगातार दूसरी बार राज्यसभा भेजने का भरोसा जताया है।
प्रमाण पत्र मिलते ही दी गई बधाइयां
रिटर्निंग अधिकारी द्वारा निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा किए जाने और प्रमाण पत्र सौंपे जाने के बाद विधानसभा परिसर में उत्सव का माहौल देखा गया। तीनों नवनिर्वाचित सांसदों को बधाई देने के लिए वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और कार्यकर्ताओं का तांता लग गया। नेताओं ने विश्वास जताया कि तीनों नवनिर्वाचित सदस्य देश की सबसे बड़ी पंचायत में राजस्थान के विकास, लोकहित और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों को पूरी प्रखरता के साथ उठाएंगे।