चंद्र स्वामी के बहाने, ‘जादूगर’ पर निशाना? करौली में जमकर गरजे पायलट… पोस्टर्स से गहलोत रहे गायब!

अवनीश की रिपोर्ट

करौली। राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट बुधवार को करौली जिले के मासलपुर इलाके के संकरघटा गांव के दौरे पर रहे। मौका था पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत राजेश पायलट की प्रतिमा के अनावरण और विशाल किसान सभा का। इस दौरान सचिन पायलट ने जहां एक तरफ केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार पर चौतरफा हमले किए, वहीं दूसरी तरफ राजस्थान कांग्रेस की अंदरूनी सियासत को भी हवा दे दी। पायलट ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम लिए बिना उन पर तीखे शब्दबाण छोड़े, जो अब प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गए हैं।

तांत्रिक चंद्र स्वामी का किस्सा सुनाकर गहलोत पर तंज?

सभा को संबोधित करते हुए सचिन पायलट ने अपने कॉलेज के दिनों का एक बेहद चर्चित वाकया सुनाया। हिंडौन से कांग्रेस विधायक अनीता जाटव की तरफ इशारा करते हुए पायलट ने कहा:

“अनीता जी सुना… एक समय देश में ‘चंद्र स्वामी’ नाम का एक बहुत बड़ा तांत्रिक था। वह सभी प्रभावशाली लोगों को अपने कब्जे में रखता था और बड़े-बड़े लोग उससे कतराते थे। लेकिन जब राजेश पायलट साहब को आंतरिक सुरक्षा मंत्री का पद मिला, तो उन्होंने किसी की परवाह किए बिना तथ्य और सबूत जुटाए और उस तांत्रिक को हथकड़ी लगाकर जेल के अंदर कर दिया। पायलट साहब पर बहुत दबाव आया, लेकिन वे सच्चाई से पीछे नहीं हटे।”

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ‘प्रभावशाली लोगों को कब्जे में रखने’ वाले तांत्रिक के इस किस्से के जरिए सचिन पायलट ने बिना नाम लिए पूर्व सीएम अशोक गहलोत की जादुई और राजनीतिक कार्यशैली पर सीधा तंज कसा है। पायलट ने आगे कहा कि मेरी व्यक्तिगत लड़ाई किसी से नहीं है, लेकिन एक बार मुंह से बात निकल गई तो वापस नहीं जाती। राजनीति में अनुशासन, संयम, धैर्य और सम्मान बेहद जरूरी है।

NEET पेपर लीक और डबल इंजन सरकार पर बोला हमला

सचिन पायलट ने देश और राज्य की भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि यह डबल इंजन की सरकार मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाकर लोगों को सिर्फ मंदिर-मस्जिद और हिंदू-मुसलमान के नाम पर लड़वा रही है। देश में ‘NEET’ जैसी बड़ी परीक्षा का पेपर लीक हो जाता है, लाखों बच्चों और उनके परिवारों का भविष्य अंधकार में लटक जाता है, लेकिन आज तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया और न ही किसी जिम्मेदार ने इस पर कोई ठोस बयान दिया।

उन्होंने कहा कि सरकारी एजेंसियों को निजी कंपनियों की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। राज्यसभा प्रत्याशी के नामांकन रद्द होने पर सवाल उठाते हुए पायलट ने कहा कि हमारी प्रत्याशी पर कोई एफआईआर या मुकदमा नहीं था, फिर भी शाम 6:30 बजे नोटिस थमाकर नामांकन रद्द कर दिया गया। उन्होंने तंज कसा कि यह देश की जनता का भला था कि ‘400 पार’ का सपना देखने वाली भाजपा को जनता ने 240 सीटों पर टिका दिया, वरना ये लोग अब तक संविधान को ही बदल देते।

पांचना बांध के पानी का मुद्दा सुलझाए सरकार

क्षेत्र के सबसे संवेदनशील पांचना बांध विवाद को लेकर पायलट ने कहा कि पानी और बिजली जैसे संसाधन सभी के हैं। सरकार को दोनों पक्षों और समाजों को एक मेज पर बुलाकर बातचीत के जरिए रास्ता निकालना चाहिए और पांचना बांध का पानी छोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्याय के पक्ष में रहते हुए सरकार को प्यार और मोहब्बत से इस पेंच को सुलझाना चाहिए।

पोस्टर से अशोक गहलोत की फोटो गायब, 21 फीट का साफा

करौली में आयोजित इस पूरे कार्यक्रम के दौरान मंच और आसपास लगे पोस्टरों में से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तस्वीर पूरी तरह गायब रही, जिसे लेकर सियासी बाजार गर्म है। कार्यक्रम में पायलट का 21 फीट लंबा साफा और विशाल माला पहनाकर स्वागत किया गया। रास्ते भर जेसीबी (JCB) से उन पर पुष्प वर्षा की गई। इस दौरान हिंडौन विधायक अनीता जाटव, टोडाभीम विधायक व जिला अध्यक्ष घनश्याम मेहर, पूर्व मंत्री रमेश मीणा सहित भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

पूर्व मंत्री रमेश मीना ने अशोक गहलोत और किरोडी को लिया आडे़ हाथ

पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने किसानसभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट पर दिए गए बयान पर जमकर निशाना साधा। रमेश मीणा ने कहा कि बार-बार अशोक गहलोत मानेसर वाली घटना का जिक्र करते हैं और मानेसर गये विधायक की 18 करोड रूपये लेने की बात बोलते हैं तो मैं कहना चाहता हूं कि अशोक गहलोत साहब जो विधायक मानेसर गए थे उन विधायकों का और अपना नार्को टेस्ट करवा ले अपने आप हकीकत सामने आ जाएगी… उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस आलाकमान का नाम लेते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भाजपा के साथ मिले हुए हैं और अगर इनका यही रवैया रहा तो वह दिन दूर नहीं जब कांग्रेस का ढर्रा बैठ जायेगा।

वहीं दूसरी तरफ कृषि मंत्री किरोड़ी लाल पर पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार किरोड़ी लाल मीणा बोलते हैं मैंने इस्तीफा दे दिया इस्तीफा दे दिया तो फिर क्यों मंत्री बने बैठे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री के नाम पर खुलेआम लूटपाट हो रही है और अफसर करोड़ों रुपए के साथ एसीबी की पकड मे आ रहे हैं यह उनकी हकीकत है।

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