राजस्थान के मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है और पिछले कई दिनों से शाम के समय चल रहा आंधी-बारिश का दौर फिलहाल पूरी तरह से थम गया है। जयपुर मौसम केंद्र से जारी विधिक बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान पूरे प्रदेश का मौसम मुख्य रूप से शुष्क (Dry Weather) दर्ज किया गया है। हवाओं के रुख में आए इस बदलाव के कारण सीमावर्ती और पश्चिमी जिलों में सूरज की किरणों ने सीधे तौर पर लोगों को झुलसाना शुरू कर दिया है। बीते चौबीस घंटों में राज्य का सबसे अधिक तापमान सरहदी जिले श्रीगंगानगर में 45.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसने जून महीने की पारंपरिक और रिकॉर्ड तोड़ देने वाली गर्मी का विधिक अहसास कराया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आगामी दो से तीन दिनों तक प्रदेशवासियों को दोपहर के समय झुलसाने वाली तपिश और लू का सामना करना पड़ेगा।
बीकानेर और जोधपुर संभाग में लू का ‘ऑरेंज अलर्ट’, 2 से 3 डिग्री बढ़ेगा पारा
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आगामी 48 से 72 घंटों तक जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में वायुमंडल में नमी की मात्रा शून्य के करीब रहेगी और मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा। इस अवधि में सौर विकिरणों के सीधे प्रभाव के चलते तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की और विधिक बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना जताई गई है।
भारत-पाक सीमा से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने और कहीं-कहीं अति-भीषण लू (Severe Heatwave) चलने की विधिक आशंका व्यक्त की गई है। इसके साथ ही, दोपहर के समय मैदानों में 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज और झुलसाने वाली धूलभरी पछुआ हवाएं (Dust Storm) लोगों की मुश्किलें और अधिक बढ़ाएंगी।
श्रीगंगानगर, फलोदी और जैसलमेर में ‘हीटवेव’ का टॉर्चर
विभागीय आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि पश्चिमी राजस्थान के तीन प्रमुख जिलों— श्रीगंगानगर, फलोदी, बीकानेर और जैसलमेर में लू का विधिक असर सबसे खतरनाक स्तर पर देखने को मिलेगा। यहां दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक आपात विधिक आवश्यकताओं के बिना लोगों को घरों से बाहर न निकलने और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों (पानी, छाछ) का सेवन करने की स्वास्थ्य विभाग द्वारा विधिक एडवाइजरी जारी की गई है।
राजस्थान के प्रमुख शहरों का आधिकारिक तापमान विश्लेषण
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के विभिन्न मौसम केंद्रों पर दर्ज किया गया अधिकतम तापमान का विधिक व सांख्यिकीय ब्यौरा इस प्रकार रहा:
| क्र.सं. | स्टेशन / जिला | अधिकतम तापमान (Degree Celsius) | मौसमी स्थिति / विधिक अलर्ट |
| 1. | श्रीगंगानगर | 45.6°C | भीषण लू एवं तीव्र सतही हवाएं |
| 2. | फलोदी | 44.8°C | लू का तीव्र प्रभाव |
| 3. | जैसलमेर | 44.0°C | शुष्क मौसम एवं धूलभरी हवाएं |
| 4. | बीकानेर | 44.0°C | शुष्क मौसम एवं तीव्र तपिश |
| 5. | पिलानी (झुंझुनूं) | 43.8°C | सामान्य से अधिक तापमान |
| 6. | चूरू | 43.5°C | गर्मी का तीखा असर |
| 7. | बाड़मेर | 42.8°C | आंशिक लू की स्थिति |
| 8. | जोधपुर शहर | 42.4°C | शुष्क एवं गर्म हवाएं |
| 9. | संगरिया | 41.7°C | उमस और गर्मी |
| 10. | पाली | 41.1°C | शुष्क मौसम |
पूर्वी राजस्थान में आंशिक राहत; कोटा-भरतपुर में मेघगर्जन की संभावना
पश्चिमी राजस्थान के विपरीत, पूर्वी राजस्थान के अधिकांश भागों (जयपुर, अजमेर, उदयपुर संभाग) में आंधी और बारिश की विधिक गतिविधियों में अस्थायी रूप से कमी जरूर आई है, लेकिन यहां तापमान नियंत्रण में रहेगा। पूर्वी हिस्सों में पश्चिमी जिलों की तरह ‘हीटवेव’ का अत्यधिक विधिक प्रभाव नहीं दिखाई देगा।
जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, स्थानीय स्तर पर बने कम दबाव के क्षेत्र (Local Convective Clouds) के कारण पूर्वी राजस्थान के कोटा और भरतपुर संभागों में कहीं-कहीं आसमान में बादल छाने, मेघगर्जन होने और हल्की बूंदाबांदी या छितराई बारिश होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
11 जून की डेडलाइन: आ रहा है नया ‘पश्चिमी विक्षोभ’
मरुधरा वासियों के लिए सबसे बड़ी और विधिक राहत की बात यह है कि झुलसाने वाली इस गर्मी का दौर ज्यादा लंबा नहीं खिंचेगा। मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक के अनुसार, आगामी 11 जून 2026 से उत्तर-पश्चिमी भारत के वायुमंडल में एक नया और अत्यधिक प्रभावी ‘पश्चिमी विक्षोभ’ (Western Disturbance) सक्रिय होने जा रहा है। इस नए चक्रवातीय सिस्टम के असर से 11 जून की शाम से ही पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में एक बार फिर आंधी की रफ्तार बढ़ेगी, आसमान में काले बादलों का डेरा होगा और तेज कड़क के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। इस सिस्टम के आते ही राज्य के पारे में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की विधिक गिरावट दर्ज होगी और लोगों को इस झुलसाने वाली तपन से स्थायी निजात मिलेगी। हालांकि, तब तक अगले तीन दिनों तक राज्य के लोगों को सावधानी बरतने की विधिक सलाह दी गई है।