जयपुर। राजस्थान की बहुचर्चित उप निरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में एसओजी (SOG) ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए दो और आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में शाहपुरा स्थित एमएडी फाउंडेशन कोचिंग का तत्कालीन संचालक दिनेश किलका और उसके सहयोगी राकेश कुमार शामिल हैं। इन गिरफ्तारियों के साथ ही इस मामले में अब तक कुल 149 आरोपियों को पकड़ा जा चुका है।
अभ्यर्थियों को बनाया सब-इंस्पेक्टर
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (SOG) विशाल बंसल ने बताया कि आरोपियों ने पेपर लीक सिंडिकेट के जरिए दो अभ्यर्थियों—अविनाश पलसानिया और परमेश चौधरी को परीक्षा से पहले ही सॉल्व पेपर उपलब्ध कराया था।
- डील: अभ्यर्थियों से क्रमशः 20 लाख और 16 लाख रुपये वसूले गए थे।
- सफलता: इस मदद से अविनाश ने अंतिम मेरिट सूची में 86वीं और परमेश ने 180वीं रैंक हासिल की थी।
- दोनों अभ्यर्थी पहले ही एसओजी द्वारा गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
कोचिंग संचालक पर था 10 हजार का इनाम
मुख्य आरोपी और कोचिंग संचालक दिनेश किलका, अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी के बाद से ही फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसओजी ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। लंबी तलाश के बाद एसओजी ने उसे 29 जून 2026 को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान दिनेश ने खुलासा किया कि उसने यह सॉल्व पेपर सीकर के राकेश कुमार से 35 लाख रुपये में खरीदा था।
अरुण शर्मा से शुरू हुआ था खेल
जांच में यह भी सामने आया कि राकेश कुमार तक यह पेपर लीक गिरोह के मुख्य सदस्य अरुण शर्मा के जरिए पहुंचा था। अरुण शर्मा को एसओजी पहले ही 11 जुलाई 2024 को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अब इन आरोपियों से रिमांड के दौरान पूछताछ कर रही है ताकि सिंडिकेट के अन्य सदस्यों और पैसों के लेन-देन के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।