उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा 2021 पेपर लीक मामला: लीक पेपर पढ़कर परीक्षा पास करने वाले दो और अभ्यर्थी गिरफ्तार, SOG की बड़ी कार्रवाई

जयपुर: राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने बहुचर्चित उपनिरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक प्रकरण में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और ऐसे अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने लीक पेपर पढ़कर परीक्षा पास की थी। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (SOG) विशाल बंसल के अनुसार, एसओजी थाने में दर्ज प्रकरण संख्या 10/2024 के तहत यह गिरफ्तारियां की गई हैं।

लाखों में हुआ था लीक पेपर का सौदा

पकड़े गए दोनों आरोपियों ने गिरोह के सरगनाओं से लाखों रुपये में सॉल्ड पेपर खरीदा था और लिखित परीक्षा में बेहतरीन अंक हासिल किए थे:

  1. नरेंद्र प्रताप सिंह (28 वर्ष): निवासी डुंगरीकलां (जयपुर ग्रामीण) ने अपने गांव के पेपर लीक सरगना विनोद कुमार जाट उर्फ विनोद रेवाड़ से 7 लाख रुपये में सौदा किया था। परीक्षा से पहले लीक पेपर पढ़कर उसने हिंदी में 149.09 और सामान्य ज्ञान में 124.71 अंक हासिल किए थे (हालांकि कम मेरिट के चलते अंतिम चयन नहीं हुआ था)। सरगना विनोद रेवाड़ को SOG पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
  2. अनिल विश्नोई (25 वर्ष): निवासी धर्मपुरी की ढाणी (जोधपुर) ने अपने भाई तेजाराम विश्नोई और गिरोह के सदस्य शैतानाराम विश्नोई के माध्यम से 20 लाख रुपये में सौदा तय किया था। इसने भूपेन्द्र सारण के हैंडलर के जरिए लीक पेपर पढ़कर हिंदी में 154.69 और GK में 157.38 अंक प्राप्त किए थे (हालांकि यह शारीरिक दक्षता परीक्षा में असफल रहा था)।

23 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर आरोपी

DIG भुवन भूषण यादव एवं SP कुन्दन कंवरिया के निर्देशन और अनुसंधान अधिकारी चिरंजीलाल मीणा (ASP, SOG) की टीम ने दोनों आरोपियों—नरेंद्र प्रताप सिंह और अनिल विश्नोई—को 20 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया। माननीय न्यायालय में पेश कर इन्हें 23 सितंबर 2026 तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जिनसे गिरोह के अन्य नेटवर्क को लेकर पूछताछ जारी है।


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