सावधान! आपकी सिम से कोई और तो नहीं कर रहा करोड़ों की ठगी? जयपुर में अंतरराष्ट्रीय साइबर कॉल सेंटर का भंडाफोड़

जयपुर, क्या आपको यकीन है कि आपके मोबाइल की सिम का इस्तेमाल सिर्फ आप ही कर रहे हैं? जयपुर में सामने आए एक बेहद चौंकाने वाले मामले ने पुलिस और आम जनता की नींद उड़ा दी है। जयपुर की बजाज नगर थाना पुलिस ने एक साधारण मारपीट के आरोपी का पीछा करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर के एक हाई-टेक साइबर ठगी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है।

मारपीट के आरोपी को पकड़ने गई थी पुलिस, मिला ठगी का अड्डा

यह पूरी कार्रवाई किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। बजाज नगर थाना पुलिस मारपीट के एक मामले में आरोपी की लोकेशन ट्रेस करते हुए महेश नगर इलाके की राधा विहार कॉलोनी पहुंची थी। पुलिस को अंदाजा भी नहीं था कि थाने से महज 1 किलोमीटर दूर एक अपार्टमेंट में करोड़ों की ठगी का जाल बुना जा रहा है। यहाँ से तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान दिनेश, नितिन और आर्यन सैनी के रूप में हुई है।

दुबई से जुड़ा है नेटवर्क, मास्टरमाइंड अब भी फरार

जांच में सामने आया कि इस पूरे गिरोह का सरगना दीपक अग्रवाल उर्फ दर्शन है, जो दुबई में बैठकर इस नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा है। ठगी का तरीका बेहद शातिर था:

  • झांसा: लोगों को ऑनलाइन ट्रेडिंग और USDT (क्रिप्टोकरेंसी) के नाम पर निवेश कर पैसा दोगुना करने का लालच दिया जाता था।
  • फर्जी अकाउंट्स: ठगी की रकम को अलग-अलग फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर करवाया जाता था।
  • सिम का खेल: जिस आरोपी की सिम पुलिस ने ट्रेस की थी, उसका इस्तेमाल ये ठग करोड़ों के ट्रांजैक्शन और कॉल के लिए कर रहे थे।

बरामदगी देख पुलिस भी दंग

बजाज नगर थाना प्रभारी (SHO) पूनम चौधरी के नेतृत्व में हुई इस छापेमारी में पुलिस ने भारी मात्रा में उपकरण बरामद किए हैं, जो एक पूरे कॉल सेंटर सेटअप की पुष्टि करते हैं:

  • 18 मोबाइल फोन और 4 लैपटॉप
  • 58 एटीएम कार्ड और कई चेक बुक
  • 19 सिम कार्ड
  • CCTV कैमरा सेटअप

पूनम चौधरी (SHO) के अनुसार: “आरोपियों के खिलाफ हरियाणा, गुजरात और उत्तर प्रदेश में पहले से ही दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। यह गिरोह देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों को अपना शिकार बना रहा था।”

बड़ा सवाल: आखिर कहाँ से आईं इतनी सिम और डेटा?

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इतनी बड़ी संख्या में सिम कार्ड और बैंक खाते इन आरोपियों तक कैसे पहुंचे। क्या इसमें मोबाइल कंपनियों के रिटेलर्स या बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत है? फिलहाल तीनों आरोपियों को महेश नगर थाना पुलिस को सौंप दिया गया है, जबकि मास्टरमाइंड दीपक की तलाश जारी है।

सतर्क रहें: यह मामला हर मोबाइल यूजर के लिए एक चेतावनी है। अपनी पहचान और सिम कार्ड की सुरक्षा सुनिश्चित करें, क्योंकि आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपको साइबर अपराध का हिस्सा बना सकती है।


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