राजस्थान उच्च न्यायालय ने जयपुर की रिहायशी कॉलोनियों में बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों और अवैध अतिक्रमण को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। महेश नगर इलाके के निवासी रामेश्वर खोरवाल द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस.पी. शर्मा और न्यायाधीश शुभा मेहता की खंडपीठ ने विकास आयुक्त सहित अन्य संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है। याचिका में यह गंभीर मुद्दा उठाया गया है कि क्षेत्र की 30 फीट चौड़ी सड़कें अवैध दुकानों के निर्माण के कारण घटकर महज 15 फीट की रह गई हैं। इसके अलावा, 40 फीट चौड़ी सड़कों पर लोगों ने रेलिंग और चबूतरे बनाकर उन्हें निजी पार्किंग क्षेत्र के रूप में स्थाई रूप से कब्जा लिया है। अदालत ने इस मामले में मुख्य सचिव और जयपुर प्रशासन को स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।