Grain ATM Rajasthan: अब राशन की दुकान पर लाइन का झंझट खत्म, राजस्थान के इन 3 जिलों में शुरू होंगे ‘अनाज एटीएम’

जयपुर, राजस्थान की भजनलाल सरकार खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) के लाभार्थियों के लिए एक बड़ी सौगात लेकर आई है। प्रदेश में राशन वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए अब ‘अनाज एटीएम’ (Stand Alone Annapurti ATM) लगाए जा रहे हैं। खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने घोषणा की है कि प्रथम चरण में प्रदेश के तीन प्रमुख जिलों में यह सुविधा शुरू की जाएगी।

किन जिलों को मिलेगा सबसे पहले लाभ?

शुरुआती पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इन तीन जिलों को चुना गया है:

  1. जयपुर
  2. भरतपुर
  3. बीकानेर

इन जिलों की घनी बस्तियों में ये एटीएम स्थापित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। इन्हें मुख्य रूप से सामुदायिक केंद्रों, एफसीआई गोदामों या मौजूदा राशन दुकानों के पास लगाया जाएगा।

क्या है ‘अनाज एटीएम’ और यह कैसे काम करता है?

अनाज एटीएम एक स्वचालित मशीन है जो बैंक के कैश एटीएम की तर्ज पर काम करती है। इसमें पैसे की जगह गेहूं या अन्य अनाज निकलता है।

  • बायोमेट्रिक सत्यापन: लाभार्थी को मशीन पर अपना राशन कार्ड नंबर या आधार नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद फिंगरप्रिंट (बायोमेट्रिक) या ओटीपी के जरिए पहचान सत्यापित की जाएगी।
  • अनाज का चयन: सत्यापन के बाद मशीन स्क्रीन पर अनाज के विकल्प और मात्रा दिखाएगी।
  • स्वचालित वितरण: पुष्टि करते ही मशीन से सटीक मात्रा में अनाज (जैसे गेहूं) बाहर निकल आएगा।
  • 24/7 सुविधा: बैंक एटीएम की तरह यह सेवा भी लाभार्थियों के लिए दिन-रात उपलब्ध रहेगी।

लाभार्थियों को क्या होंगे फायदे?

  • समय की बचत: राशन की दुकानों पर लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं होगी।
  • तौल में पारदर्शिता: मशीन पूरी तरह ऑटोमेटेड है, जिससे राशन डीलर द्वारा ‘कम तौलने’ या ‘कटौती’ की शिकायत खत्म हो जाएगी।
  • मजदूर वर्ग को राहत: यह सुविधा उन परिवारों के लिए वरदान है जो सुबह जल्दी काम पर चले जाते हैं और रात को लौटते हैं। वे अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय राशन ले सकेंगे।

गिवअप अभियान और नई सूची

खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि प्रदेश में ‘गिवअप अभियान’ के तहत अब तक 54.36 लाख संपन्न लोगों ने स्वेच्छा से राशन का गेहूं छोड़ा है। वहीं, राज्य में लगभग 73 लाख नए पात्र लाभार्थियों को इस योजना से जोड़ा गया है, जिनमें जयपुर जिला 3.17 लाख नए नामों के साथ शीर्ष पर है।

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