जयपुर: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और निकटवर्ती इलाकों में बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए मंगलवार को जयपुर में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अध्यक्ष राजेश वर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में अलवर, भरतपुर और भिवाड़ी में प्रदूषण नियंत्रण के लिए भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई।
औद्योगिक निगरानी के लिए OCEMS और APCD अनिवार्य
बैठक में औद्योगिक प्रदूषण को रोकने के लिए तकनीक के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। अध्यक्ष ने निर्देशित किया कि:
- सभी उद्योगों में ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम (OCEMS) स्थापित किए जाएं।
- प्रदूषण मानकों के अनुपालन के लिए एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइसेस (APCD) की सख्त निगरानी की जाए।
- नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों पर कड़ी कार्रवाई के लिए राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया जाए।
क्लीन मोबिलिटी: 2026 तक हटेंगे डीजल ऑटो
परिवहन क्षेत्र से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए श्री वर्मा ने कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए:
- डीजल ऑटो का अंत: एनसीआर (ANCR) क्षेत्रों से 31 दिसंबर, 2026 तक डीजल ऑटो रिक्शा को चरणबद्ध रूप से पूरी तरह हटा दिया जाएगा।
- EV इंफ्रास्ट्रक्चर: इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग स्टेशन का जाल बिछाने और बैटरी रिसाइक्लिंग पर ध्यान देने को कहा गया।
- ट्रैफिक मैनेजमेंट: जाम वाले हॉटस्पॉट्स की पहचान कर वहां ANPR कैमरे और इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाने के निर्देश दिए।
मीयावाकी तकनीक और धूल नियंत्रण
प्रदूषण कम करने के लिए शहरी वानिकी और बुनियादी ढांचे में सुधार के निर्देश दिए गए:
- मीयावाकी प्लांटेशन: कम जगह में घने जंगल उगाने की मीयावाकी तकनीक से पौधारोपण किया जाएगा।
- धूल नियंत्रण: अगले 2 वर्षों में सड़कों के किनारे हरित पट्टी (Green Belt) निर्माण और पैविंग का कार्य पूरा करने को कहा गया ताकि उड़ती धूल को रोका जा सके।
- कचरा प्रबंधन: निर्माण गतिविधियों से निकलने वाले मलबे (C&D Waste) को रिसायकल कर अन्य परियोजनाओं में उपयोग करना अनिवार्य होगा।
बैठक में पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आनंद कुमार, RSPCB अध्यक्ष श्री आलोक गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।
