जयपुर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में किसानों के हक पर डाका डालने वाले बीमा माफिया, फर्जी एजेंटों और विभाग के भीतर बैठे भ्रष्ट कार्मिकों पर सरकार ने शिकंजा कस दिया है। कृषि आयुक्तालय, राजस्थान सरकार ने सख्त आदेश जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि बीमा प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर फर्जीवाड़ा करने वाले कार्मिकों को सीधे बर्खास्त किया जाएगा और उनके खिलाफ पुलिस में एफआईआर (FIR) दर्ज होगी।
14 जिलों में फर्जी पॉलिसी का बड़ा खेल उजागर:-

कृषि आयुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य के कई प्रमुख जिलों में फर्जी फसल बीमा पॉलिसी बनाए जाने की गंभीर शिकायतें सामने आई हैं:
-प्रभावित जिले: श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, नागौर, डीडवाना-कुचामन, चूरू, जोधपुर, फलौदी, बाड़मेर, बालोतरा, जालोर, टोंक, अजमेर, जयपुर और जैसलमेर।
-गड़बड़ी के मुख्य बिंदु: बीमांकन (Enrollment), पोस्ट हार्वेस्ट हानि के सर्वे और फसल कटाई प्रयोग (CCE) के दौरान गड़बड़ी कर क्लेम हड़पने का प्रयास किया जा रहा था।
कार्रवाई के कड़े निर्देश, बर्खास्तगी और FIR:-
फर्जीवाड़े में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी कृषि विभाग या फील्ड कार्मिक को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाएगा। फील्ड कार्मिकों को सतर्क रहकर नेटवर्क से फर्जीवाड़े की सूचना जुटाने, सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखने और तुरंत पुलिस FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
ठगों और माफिया की करतूत का ठीकरा अन्नदाता पर न फोड़ें:-
इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि बीमा कंपनियों, बिचौलियों और शातिर ठगों के सिंडिकेट द्वारा किए गए घोटालों को कुछ लोग ‘किसानों का फर्जीवाड़ा’ बताकर पूरे किसान वर्ग को बदनाम करने की कोशिश करते हैं। कंपनियों की मनमानी और गलतियों को छिपाने के लिए चंद जालसाजों को ‘किसान’ कहकर पेश करना बंद होना चाहिए। असली और जागरूक किसान हमेशा पारदर्शी प्रक्रिया और ईमानदारी से फसल कटाई प्रयोग के पक्षधर रहे हैं ताकि वास्तविक पीड़ित किसान के खाते में उसका पूरा वाजिब क्लेम पहुंच सके।
आमजन को भी जागरूकता की जरूरत:-
फसल बीमा में सेंध लगाने वालों की पोल खोलने के लिए किसानों को आगे आना होगा। फसल कटाई प्रयोग पूरी पारदर्शिता से कराएं, गड़बड़ी करने वाले किसी भी एजेंट या अधिकारी की गोपनीय सूचना विभाग तक पहुंचाएं और असली हकदार अन्नदाता के अधिकारों की रक्षा करें।
ब्यूरो रिपोर्ट, Expose Now