सीकर शहर कोतवाली पुलिस ने विदेश में नौकरी का झांसा देकर बेरोजगारों से लाखों रुपए ठगने वाले एक शातिर एजेंट को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने इंस्टाग्राम पर विज्ञापन के जरिए अजरबेजान में नर्सिंग ऑफिसर की नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। इस ठगी के जाल में फंसकर विकास नाम के युवक और उसके अन्य परिचितों ने करीब 32 लाख रुपए गंवाए। पुलिस ने मुख्य आरोपी रवि चौधरी को गुरुग्राम में दबिश देकर दबोच लिया है और अब उसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है।
इंस्टाग्राम विज्ञापन से हुई थी ठगी की शुरुआत
शिकायतकर्ता विकास, जो कि सीकर की शिव कॉलोनी का रहने वाला है, ने कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया। विकास के अनुसार, अगस्त 2025 में उसकी इंस्टाग्राम आईडी पर विदेश में नौकरी से जुड़ा एक विज्ञापन आया था। विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर उसकी बातचीत दीप कौर संधू नाम की युवती से हुई。
युवती ने उसे अजरबेजान में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर नौकरी दिलवाने का झांसा दिया, जहां प्रति माह एक लाख रुपए सैलरी मिलने का लालच दिया गया। इस काम के एवज में तीन लाख रुपए की मांग की गई।
फतेहपुर रोड पर हुई थी मुलाकात और चंडीगढ़ ऑफिस का खेल
योजना के मुताबिक, विकास की मुलाकात सीकर के फतेहपुर रोड पर आरोपी रवि चौधरी (निवासी इरनियां, लक्ष्मणगढ़, अलवर) से हुई। रवि ने उसे पहले तीन महीने किसी होटल में काम करने और फिर अजरबेजान भेजने का झांसा दिया।
इसके बाद जब विकास चंडीगढ़ के ऑफिस गया, तो उसे वीजा तो थमा दिया गया और 16 सितंबर की टिकट बताई गई, लेकिन ठीक दो दिन पहले यानी 14 सितंबर को टिकट रद्द होने का बहाना बना दिया गया। इसके बाद आरोपी ने पैसों की और मांग करते हुए उसे मॉरीशस का ऑफर लेटर और टिकट भेज दिया। मजबूरी में विकास मॉरीशस पहुंचकर होटल में काम करने लगा।
आधा दर्जन से अधिक लोगों से ऐंठे 32 लाख रुपए
मॉरीशस में रहने के दौरान आरोपी रवि चौधरी ने विकास पर दबाव बनाया कि यदि उसके संपर्क में कोई और भी विदेश जाना चाहता है, तो उसे जोड़े। प्रति व्यक्ति तीन लाख रुपए तय किए गए।
विकास ने वीडियो कॉल के जरिए अपने करीब आधा दर्जन से अधिक दोस्तों और रिश्तेदारों की बात रवि चौधरी से करवाई। इन सभी ने मिलकर विभिन्न किस्तों में करीब 32 लाख रुपए आरोपी के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। रुपए मिलने के बाद आरोपी ने 15 दिन में सभी को अजरबेजान भेजने का वादा किया था, लेकिन कुछ समय बाद उसने फोन उठाना बंद कर दिया। उधर, मॉरीशस में 3 महीने का वीजा पूरा होने पर विकास भी भारत लौट आया।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
पीड़ित की शिकायत पर हरकत में आई सीकर शहर कोतवाली पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच शुरू की। नॉर्थ चौकी प्रभारी नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी अनुसंधान के आधार पर गुरुग्राम में दबिश दी और मुख्य आरोपी रवि चौधरी को धर दबोचा। पुलिस अब इस बड़े फर्जीवाड़े में शामिल अन्य ठगों (जैसे दीप कौर संधू) और बैंक खातों की डिटेल खंगालने में जुटी है ताकि ठगी गई पूरी रकम का सुराग लगाया जा सके।