जयपुर | मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं को बिना वैधानिक प्रक्रिया के राजस्थान पुलिस को सौंपने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा कि बिना न्यायिक आदेश या ट्रांजिट रिमांड के यह कार्रवाई प्रथम दृष्टया अवैध प्रतीत होती है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान भोपाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और पुलिस कमिश्नर को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश
कोर्ट ने जहांगीराबाद स्थित पुलिस ट्रांसपोर्ट एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (PTRI) के 20 अप्रैल रात 2 बजे से 21 अप्रैल शाम 5 बजे तक के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और कोर्ट में पेश करने को कहा है, ताकि कार्रवाई की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। साथ ही तीनों कार्यकर्ताओं बिलाल खान, इनाम अहमद और निखिल प्रजापति को 27 अप्रैल को अनिवार्य रूप से हाई कोर्ट के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
फर्जी पत्र केस से जुड़ा मामला
यह पूरा मामला पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नाम से महिला आरक्षण को लेकर फर्जी पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने से जुड़ा है। इसी प्रकरण में ज्योति नगर थाना पुलिस ने एक महिला सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिन्हें मंगलवार को राजस्थान पुलिस जयपुर लेकर पहुंची। डीसीपी साउथ राजर्षि राज के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में बिलाल खान (27), निखिल प्रजापत (22), इनाम अहमद (29) निवासी भोपाल (मध्यप्रदेश) और अमृता धुमाल (37) निवासी मोहाली (पंजाब) शामिल हैं।
जयपुर में आरोपियों से पूछताछ जारी
जयपुर लाए गए चारों आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। इस मामले में फर्स्ट इंडिया न्यूज चैनल की ओर से मामला दर्ज कराए जाने के बाद कार्रवाई शुरू की गई थी। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फर्जी पत्र तैयार करने में किन-किन एआई टूल्स का उपयोग किया गया और सोशल मीडिया पर इसे किन माध्यमों से वायरल किया गया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा क्या कोई संगठित नेटवर्क इसके पीछे सक्रिय था।
एआई से ऐसे तैयार किया डीपफेक कंटेंट (साइबर एक्सपर्ट: मुकेश चौधरी)
- एआई वॉइस क्लोनिंग: एंकर की आवाज के छोटे सैंपल लेकर एआई उसी आवाज में नई स्क्रिप्ट तैयार करता है।
- फेस स्वैपिंग व लिप-सिंक: किसी अन्य व्यक्ति के चेहरे पर एंकर का चेहरा लगाकर होंठों की मूवमेंट को आवाज से मिलाया जाता है।
- जेनरेटिव एआई टूल्स: फोटो से वीडियो बनाना या बैकग्राउंड बदलकर स्टूडियो जैसा माहौल तैयार करना संभव होता है।
- सावधानी: सनसनीखेज कंटेंट पर तुरंत भरोसा न करें, आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें।
