जयपुर। दुनिया के महानतम फुटबॉल खिलाड़ियों में से एक लियोनेल मेसी ने अपनी मेहनत और लगन से अपने आप को फुटबॉल की दुनिया में इतनी ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। यदि इसमें ज्योतिष के नजरिए से बात करें तो इनकी कुंडली में विद्यमान कुछ खास ग्रह और योगों ने भी इनको उपलब्धियां हासिल कराने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 24 जून 1987 की रात में अर्जेंटीना के एक छोटे से शहर रोसारियो में एक सामान्य घर में एक बच्चे ने जन्म लिया। उस समय किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह बच्चा आगे चलकर फुटबॉल का भगवान बन जाएगा और लोग कहेंगे कि उसके पैरों में कोई जादू है। आइए, जयपुर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. योगेश व्यास से ज्योतिष के नजरिए से इनकी कुंडली को समझते हैं।
करियर भाव में शनि दिला रहा विशेष ऊंचाइयां
लियोनेल मेसी की कुंडली में लग्नेश शनि करियर हाउस यानी कि दशम भाव में स्थित होकर इनको अपने क्षेत्र में ऊंचाइयां और विशेष उपलब्धियां प्रदान करने में काफी सहायक सिद्ध हो रहा है। दशम भाव में स्थित वक्री शनि ने इनको सफलता देने में समय तो लिया, लेकिन इस समय का सबसे शानदार खिलाड़ी भी बनाया है।

पंचम भाव में ‘त्रियुति’ और पराक्रम का कारक मंगल
कुंडली में पराक्रम भाव का स्वामी ग्रह मंगल, पंचमेश बुध और केन्द्रेश सूर्य के साथ में पंचम भाव में ही युति कर रहा है। ये सभी ग्रह एकादश भाव (इनकम हाउस) को पूर्ण दृष्टि से देखते हैं:
- मैदान पर रणनीति और ऊर्जा: मंगल की यह युति इनको फुटबॉल के क्षेत्र में साहस, ऊर्जा, फुर्ती और प्लेग्राउंड पर सटीक रणनीति बनाने में काफी सहायक सिद्ध हुई है।
- त्वरित निर्णय क्षमता: मंगल ग्रह ने इनको त्वरित निर्णय क्षमता, अद्भुत वर्क आउट और चोटों से जल्दी उबरने की असाधारण क्षमता दी है।
- मजबूत आर्थिक स्थिति: इन ग्रहों की इनकम हाउस पर पूर्ण दृष्टि होने के कारण, धन को लेकर इनकी स्थिति लगातार काफी मजबूत बनी हुई है।
चंद्र-शुक्र की युति से वैश्विक प्रसिद्धि
कुंडली का चतुर्थ भाव सुख का होता है। मेसी की कुंडली में यहां पर चंद्रमा युवावस्था में अपनी उच्च राशि में शुक्र के साथ में युति कर रहा है। शुक्र भी यहां पर स्वगृही है और ये दोनों ग्रह दशम भाव को भी पूर्ण दृष्टि से देखते हैं। इस विशेष योग के कारण ही इनको अपने जीवन में अगाध भौतिक सुख, वैश्विक प्रसिद्धि और खेल के क्षेत्र में विशेष प्रतिभा हासिल हुई है।
विपरीत परिस्थितियों में भी गोल करने का हुनर
अष्टम भाव का स्वामी बुध पंचम भाव में बैठकर इनको खेल में गहरी रणनीति बनाने और सूक्ष्म गणना करने में काफी सहायता करता है। यही कारण है कि मेसी मैदान पर बेहद विपरीत परिस्थितियों में भी गोल करने की अचूक रणनीति बना लेते हैं।

भविष्य की गणना: अब व्यवसायी बनने की ओर कदम
वर्तमान समय में शनि का लाभ स्थान में गोचर इनको एक व्यवसायी बनाने की ओर आगे बढ़ा रहा है। वहीं, गुरु के गोचर से इनके भाग्य में और अधिक विस्तार होगा तथा लोकप्रियता को लेकर पूरे विश्व में वृद्धि देखने को मिलेगी। ज्योतिषीय आकलन के अनुसार, आने वाला समय इनकी वैल्यू को और भी अधिक मजबूत करता दिखाई दे रहा है।
लेखक परिचय:
डॉ. योगेश व्यास
ख्यातिप्राप्त ज्योतिषाचार्य, वास्तु विशेषज्ञ, अंक ज्योतिषविद् एवं शोधकर्ता
भारतीय ज्योतिष एवं वास्तु के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम, डॉ. योगेश व्यास पिछले लगभग 20 वर्षों से ज्योतिषीय अनुसंधान और 15 वर्षों से अधिक समय से व्यावसायिक परामर्श के माध्यम से लोगों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। ज्योतिषाचार्य (टॉपर), NET (ज्योतिष शास्त्र एवं संस्कृत) तथा Ph.D. (ज्योतिष शास्त्र) से अलंकृत डॉ. व्यास ने 25 से अधिक प्रकाशित पुस्तकें भी लिखी हैं।
संपर्क: ASTRO Vyas Ji | मानसरोवर, जयपुर